‘बाबी विलिएम’ और ‘सोहन सिंह’ को मिली ‘धमकी’
बस्ती। चर्च आफ इंडिया ‘सीआईपीबीसी’ के प्रिंसिपल आफिसर एवं यूपी और उत्तराखंड के चर्च के अरबों रुपये की संपत्तियों की देखभाल करने वाले ‘बाबी बिलिएम’ और पत्रकार ‘सोहन सिंह’ को धमकी मिली है। यह धमकी मोबाइल नंबर 6387670066 जो कि किसी ‘टाइगर’ के नाम पंजीकृत हैं, के द्वारा दी गई, कहा गया कि बन रही दुकानों का विरोध करना और लिखना छोड़ दो, नहीं तो इसका अंजाम दोनों को भुगतना पड़ेगा। इसकी शिकायत ‘बाबी विलिएम’ के द्वारा आला अधिकारियों को दर्ज करवा दी गई है। धमकी देने का सीधा सा मतलब यह होता है, कि अवैध कब्जा हो रहा है। शिकायत पर प्रशासन ने निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सामग्री को तो रुकवा दिया, लेकिन अंदर ही अंदर दुकान निर्माण की कार्रवाई हो रही है, इसका मतलब यह हुआ कि अवैध कब्जा करने वाले हर हाल में दुकान का निर्माण करना चाहते हैं, ताकि वह उन लोगों को हैंडओवर कर सके, जिनसे एक-एक दुकान के नाम पर लाखों रुपये लिए गए। हालांकि दो-तीन दिन से ठेकेदार के घर विवाह होने के कारण काम रुका हुआ है। धमकी देने वाले को यह नहीं मालूम होगा, कि वह जिस ‘बाबी विलिएम’ को धमकी दे रहें हैं, कितना पावरफुल है। अगर इन्हें कुछ हो गया तो माहौल खराब हो सकता है, क्यों कि मामला दो प्रदेशो के चर्च के मुखिया से जुड़ा है? बाबी विलिएम का कहना है, कि हमारी ओर से धमकी देने वाले का मोबाइल नंबर पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया हैं, जोर देकर कहा कि अगर उन्हें कुछ हो जाता है, तो इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बाबी विलिएम की ओर से इससे पहले प्रमुख सचिव गोपनीय व सतर्कता विभाग को लिखे पत्र में कहा कि चर्च आफ इंडिया ‘सीआईपीबीसी’ के नाम से दो सौ साल पुराने गिरजाघर सेंट जेम्स चर्च हैं, पर चर्च आफ नार्थ इंडिया ‘सीएनआई’ के पदाधिकारियों एवं भूमाफियों के द्वारा किए जा रहे कब्जा करने के मामले में पूरी तरह कमिष्नर और डीएम जिम्मेदार है। कहा कि 50 शिकायत पत्र देने, सारे साक्ष्य एवं अभिलेख देने के बावजूद भूमाफियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। लिखा कि आराजी संख्या-66 रक्बा 6119.19 हे, पर स्थापित सेंट जेम्स चर्च, चर्च आफ इंडिया सीआईपीबीसी की संपत्ति है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के पत्र संख्या इसीसीएल.477/डी-26 के 23 मार्च 1948 और भारत सरकार की अधिसूचना संख्या-541ए 21 मार्च 1948 में बस्ती जिले में स्थित ‘सेंट जेम्स चर्च’ की संपत्ति ‘भारतीय चर्च टस्टी’ बताया गया। कहा कि 2013 में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा अपने आदेश में चर्च आफ नार्थ इंडिया ‘सीएनआई’ के विरोध में एक आदेष पारित किया। जिसमें स्पष्ट रुप से कहा गया कि चर्च आफ इंडिया ‘सीआईपीबीसी’ का कोई भी विलय चर्च आफ नार्थ इंडिया में नहीं हुआ। इसके बावजूद चर्च आफ नार्थ इंडिया ‘सीएनआई’ के विषप/चेयरमैन एवं सेक्रेटरी सहित अन्य पदाधिकारियों के द्वारा सिविल लाइन्स स्थित सेंट जेम्स चर्च के खाली भूखंड पर जबरन दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। कहा कि उक्त लोगों के द्वारा 2016 में भी उक्त भूखंड पर सीएनआई के पदाधिकारियों के द्वारा निर्माण कराया जा रहा था, जिसके विरोध में संस्था के सचिव के द्वारा 28 अक्टूबर 16 और 28 अगस्त 21 को दिया गया, जिस पर कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील किया गया था, जो आज भी सील है। कहा गया कि वर्तमान में सीएनआई के पदाधिकारियों के द्वारा पुनः उक्त भूखंड पर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके विरोध में मेरे द्वारा 26 जून 25 एवं दो जुलाई 25, तीन जुलाई 25 एवं 21 जनवरी 26 को डीएम और कमिष्नर को हो रहे अवैध निर्माण रोकने को लेकर लिखा, परंतु सीएनआई के पदाधिकारियों के प्रभाव में आकर प्रशासनिक अधिकारियें और कर्मचारियों के द्वारा निर्माण एव कब्जा के बावत कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। कार्रवाई न होने से जहां सरकार की छवि खराब हो रही है, वहीं कब्जा करने वालों का मन बढ़ा हुआ है। मनोबल इतना बढ़ गया कि खुले आम दुकानों का निर्माण कराकर विक्रय कर रहे है। फर्जी अफवाह फैलाकर जनता के पैसे का गबन कर रहे है। जब मौके पर जाकर अवैध निर्माण का विरोध किया गया तो सीएनआई के पदाधिकारी, सहयोगी भूमाफिया फौजदारी पर अमादा हो रहें है। पत्र में विधिवत जांच कराकर गुण-दोष के आधार ‘चर्च आफ इंडिया सीएनआई’ के विषप मारिष एडगर दान, सचिव एलन दान, मनीलाल, अनूप लाल एवं अनिल लाल सहित उनके सहयोगी भूमाफियों को चिन्हिृत कर एफआईआर दर्ज की जाए।
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