बस्ती। जमीन की चाहत ने न जाने कितने लोगों को सड़क पर ला दिया। जिले में सबसे अधिक ठगी के मामले जमीन को लेकर ही हो रहें है। लोग पांच-पांच करोड़ दे देते हैं, और यह तक देखने नहीं जाते कि जमीन कहां है। जमीन के मामले में इतना विष्वास भी ठीक नहीं होता, कहने का मतलब जहां पर जमीन है, वहां पर ठगबाज है। ठगबाज से खुद सावधान रहिए, और दूसरों को भी सावधान रहने की सलाह दीजिए। जमीन का कारोबारी अगर ठगा जाए तो बात समझ में आती है, लेकिन अगर कोई सरकारी कर्मचारी ठगा जाता है, तो हैरानी होती है। इसी तरह का एक और ठगी का मामला सामने आया। मीडिया बार-बार यह कहती आ रही है, कि ठगबाज इतने चालाक और शातिर होते हैं, कि वह अपनी परिवार को इसमें अवष्य शामिल करते हैं, ताकि विष्वास बना रहे। नलकूप कालोनी के बी-2 निवासी बाबू अजीत कुमार श्रीवास्तव पुत्र उमेषचंद्र श्रीवास्तव की ओर से सुषील कुमार मिश्र पुत्र लक्ष्मीकांत एवं कुणाल मिश्र पुत्र सुशील कुमार मिश्र निवासी बसिया थाना पुरानी बस्ती से मकान बनवाने के लिए एक बिस्वा जमीन की इच्छा व्यक्त किया। फोन से चार जुलाई 23 को एडवांस के रुप में खाते से एक लाख 10 हजार दिया, फिर 28 जुलाई 23 को खाते से दो लाख दिया, फिर क्रेडिड कार्ड से 40 हजार और 40 हजार नकद दिया, इस तरह तीन लाख 90 हजार दिया। ध्यान रहे इतना पैसा दे दिया, लेकिन जमीन नहीं देखा, पैसा मिलने पर जमीन का न तो बैनामा कराया और न पैसा वापस दिया, अलबत्ता जान से मारने की धमकी अलग से दिया।