बस्ती। जिस मोदीजी का दिवाना कभी पूरा भारत होता था, आज वही दिवाने मोदी से कुर्सी छोड़ने की अपील कर रहे हैं, सवाल उठ रहा है, कि आखिर मोदीजी से कौन सी ऐसी चूक या गलती होग गई, कि आज अधिकांष लोग इनका भाषण और मन की बात तक सुनने को तैयार नहीं, टीवी पर जैसे ही कोई इनका कार्यक्रम या भाषण होता हैं, लोग चैनल बदलने लगते है। देश की जनता आज मोदीजी से ऐसे सवालों का जबाव चाहती है, जिसके चलते देश की जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सवाल किया जा रहा है, कि मोदीजी आपकी अमेरिका परस्त नीतियों का खामियाजा देश की जनता क्यों भुगते? ट्रम्प की धमकियों के कारण आपने रूस से तेल और गैस खरीदना बंद कर दिया। जिसके चलते देश में मँहगाई बढ़ गई। मोदीजी ऐपस्टाइन फाइल में ऐसा क्या है? जो आप इतना डर रहे हो? आखिर ट्रम्प ने क्यों कहा था मैं मोदी का कैरियर बर्बाद कर सकता हूँ? मोदीजी अगर आप पाक साफ है तो अपना पक्ष रखिए देश अब जानना चाहता है कि आप अमेरिका के आगे इतने नतमस्तक व डरे सहमे क्यों है? मोदीजी आप खुलकर बताते क्यों नहीं जेफरी एपस्टीन से आपके ताल्लुक रहें, अमेरिका के पास आप की कौन सी कोर दबी है, जो ट्रंप के आगे नतमस्तक है व डरे सहमे हुए हैं। आप डर के कारण देश को क्यों आर्थिक तंगी महंगाई में झोक रहे हैं? मोदीजी देश नहीं झुकेंने दूंगा देश नहीं मिटने दूंगा आप ने झुकाने मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जेफरी एपस्टीन फाइल में आप का नाम आ रहा है, तभी तो आप अमेरिका के डर से देश को झुकाने मिटाने में तुले हुए हैं। मित्र देशों से संबंध खराब कर उन्हें नजर अंदाज कर रहे हैं। भारत को विश्व गुरु तो नहीं बना पाए विश्व में शुरू स्टिपिनफाइल में भले दर्ज करा दिए राजा का पुण्य व पाप दोनों जनता को लगता है। राजा धर्मात्मा है पुण्यात्मा है तो उसके पुण्य का लाभ जनता को भी मिलता है, लेकिन अगर राजा क्रूर, अनाचारी, दुराचारी, व्यभिचारी, ढोंगी, स्वांगी, बहरुपिया है, उसका पाप जनता को लगेगा। मोदीजी आप जनता के प्रति जवाबदेह हैं, बताइए क्या कारण है, जो आप ट्रंप के आगे भीगी बिल्ली बने हुए मौन व दुबके हुए हैं। मोदीजी आप से देश नहीं संभल रहा है आपने देश को झुकाने मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और न छोड़ोगे आप से निवेदन है कि आप कुर्सी छोड़ दो। अमेरिका जैसे गंदे राष्ट्रपति ट्रंप के चपरासी व चाटुकारिता वाले भूमिका से बाहर आओ, आपके कारण देश की बड़ी फजीहत हो रही है आपके डर का परिणाम है जो गैस की किल्लत महंगाई बढ़ रही है क्या अब स्मृति ईरानी आंदोलन नहीं करेंगी? क्या मोदीजी आपको जनता समझ नहीं पाई। आपके विलोम शब्दों को जानते-जानते जनता ने देर कर दी। मोदी जो कहते हैं वो नहीं करते जो संकल्प लेते हैं वादा करते वो नहीं करते हैं, उसका उल्टा करते है। यह सवाल और चर्चा आज हर गली मोहल्ले, खेत खलिहान में हो रहा, कि आखिर मोदीजी क्यों धीरे-धीरे कमजोर होते जा रहे हैं? क्यों नहीं वह जनता के सवालों का जबाव देते