बस्ती। अधिकारी एक बार यारी दोस्ती छोड़ सकते हैं, पत्नी और साले तक को किनारे कर सकते हैं, लेकिन कमीशन लेना नहीं छोड़ सकतें, जब पीडब्लूडी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने यह देखा कि ठेकेदार उन्हें यह कहकर कमीशन देने से इंकार कर रहा है, कि साहब जब 35-40 फीसद बिलो पर ठेका मिलेगा तो आप को कहां से कमीशन देगें? तो अधिकारियों ने बिलो रेट की प्रक्रिया में ही बदलाव कर दिया, भले ही सरकार की मंशा नये नियम लागू करने के पीछे बिलो रेट को कम करना है, लेकिन अधिकारियों की मंशा अपने कमीशन को जारी रखना है। अब वही ठेकेदार 20 फीसद से अधिक बिलो पर रेट डालेगा, जिसके पास 150 फीसद अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी जमा करने की कूबत होगी। यानि अगर किसी ठेकेदार ने एक करोड़ का ठेका 20 फीसद से अधिक बिलो पर टेंडर डाला और अगर उसे ठेका मिल गया तो उसका अनुबंध तक गठित होगा, जब वह एक करोड़ 50 लाख अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी जमा करेगा। यानि टेंडर की धनराशि से अधिक अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी जमा करना होगा, इसी लिए कहा जा रहा है, कि 20 फीसद से अधिक बिलो पर वही ठेकेदार टेंडर डालेगा जिसके पास अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी और भारी जमानत धनराशि जमा की व्यवस्था होगी। अब जरा अंदाजा लगाइए कि ऐसे कितने ठेकेदार होगें, जो 20 फीसद से अधिक बिलो रेट डालने की हैसियत रखते होगें। मान लीजिए कि सीएमओ ने जय कांस्टक्षन के 20 लाख के टंेडर को 23 फीसद बिलो पर फाइनल कर दिया तो ठेकेदार जनेष्वर चौधरी को पहले 6.93 लाख अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरीटी के रुप में और दो लाख जमानत धनराशि सहित कुल 8.93 लाख पहले जमा करना पड़ेगा, तब उनके नाम अनुबंध गठित होगा। यानि 20 लाख का काम 11.70 लाख में करना होगा। अब जरा अंदाजा लगाइए कि 20 लाख के काम में ठेकेदार को पहले आठ लाख 93 हजार विभाग में जमा करना होगा। कहने का मतलब ठेका पाने से पहले ठेकेदार को अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी और जमानत धनराषि का जुगाड़ करना होगा। यानि टेंडर की धनराशि से अधिक अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी जमा करना होगा, इसी लिए कहा जा रहा है, कि 20 फीसद से अधिक बिलो पर वही ठेकेदार टेंडर डालेगा जिसके पास अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी और भारी जमानत धनराषि की व्यवस्था होगी।

नई व्यवस्था के तहत अब अगर कोई ठेकेदार 10 फीसद से कम बिलो पर टेंडर डालता और उसका टेंडर पास हो जाता है, तो उसे एक रुपया भी अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी नहीं जमा करना होगा, पहले आधा फीसद जमा करना होता था। वहीं अगर 10 से अधिक यानि 15 फीसद तक बिलो रेट डाला जाता है, तो अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी के रुप में साढ़े सात फीसद जमा करना होगा। 15 से 20 फीसद बिलो पर 100 फीसद और 20 फीसद से अधिक बिलो पर 150 फीसद अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी जमा करना होगा। अब आप लोगों को अधिकारियों के दिमाग का लोहा मानना ही होगा। क्यों कि अधिकांश टेंडर 10 फीसद से कम पर पड़ेगा, जहां पर ठेकेदारों को अतिरिक्त परफारमेंस सिक्यूरिटी नहीं जमा करनी होगी, तब ठेकेदार साहबों से यह नहीं कह पाएगें कि कहां से कमीषन दें। अधिकारियों ने बिलो रेट की प्रक्रिया में बदलाव करके एक तीर से तीन निषाना साधा, एक तो अपना कमीशन फिक्सड कर लिया और कार्यो की गुणवत्ता खराब होने से बचा लिया। दूसरा कार्यो की गुणवत्ता को भी सुनिष्चित कर दिया और तीसरा ठेकेदार संघ की मांग को भी पूरा कर दिया।