ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर: डीएम पब्लिक स्कूल में भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सनातन परंपराओं की गौरवशाली विरासत को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से विद्यालय में प्रकाश, उल्लास एवं सकारात्मकता के महापर्व ‘दीपावली महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए दीपसज्जा,आकाशदीप निर्माण, रंगोली सज्जा सहित विभिन्न रचनात्मक एवं आकर्षक प्रति योगिताओं का आयोजन किया गया। प्रति योगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह,उमंग एवं रचनात्मकता के साथ प्रतिभाग किया। रंग-बिरंगी रंगोलियों,आकर्षक दीपसज्जा तथा मनमोहक आकाशदीपों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय कला,संस्कृति और पारंपरिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की। दीपोत्सव के महापर्व पर आयोजित प्रतियोगिता में पूर्व निर्धारित थीमानुसार आयोजन किया गया जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कक्षा 2 से 5 तक के छात्रों हेतु दीपसज्जा प्रतियोगिता में गोल्डी,प्रियांश, नवीन ने क्रमशः प्रथम,द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया।वहीं कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों हेतु आकाशदीप निर्माण में सायमा, रुद्रराज,कल्पना और इज्ना ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय,तृतीय स्थान प्राप्त किया।कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सिद्धि व कृष्टि ने प्रथम, डिंपल व पंखुड़ी तथा नेहा व पलक ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं तीसरे स्थान के लिए मित्रवृंदा व शीरी तथा अविष्का व वंशिका ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया।प्रधानाचार्य मंजु चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि दीपावली हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना,संस्कारों का अनुपम पर्व है। यह पर्व हमें श्रीराम के आदर्शों, सत्य, मर्यादा, त्याग एवं कर्तव्यनिष्ठा का स्मरण कराता है। दीप प्रज्वलन का वास्तविक अर्थ अपने अंतर्मन से अज्ञान, अहंकार और नकारात्मकता को दूर कर ज्ञान, सद्भाव एवं सदाचार का प्रकाश फैलाना है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों को आत्मसात करें। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र चौधरी कहा कि दीपावली केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सनातन सांस्कृतिक विरासत,पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।भगवान श्रीराम का अयोध्या आगमन हमें सत्य की विजय, धर्म की प्रतिष्ठा और आदर्श जीवन का संदेश देता है। हमारी संस्कृति में दीपदान, लक्ष्मी-गणेश पूजन और परस्पर शुभकामनाओं की परंपरा सुख, समृद्धि एवं मंगलकामना की प्रतीक है। हमें अपनी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाते हुए प्रेम, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के साथ दीपावली मनानी चाहिए।
इस दीप महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर उप प्रधानाचार्य युधिष्ठिर यादव,स्कूल कोऑर्डिनेटर योगेंद्र सिंह,राहुल चौधरी,अशोक चौधरी, प्रियांशी चौधरी,कविता चौधरी,रोहित कुमार, ब्रज सिंह,ममता त्यागी,ओमवीर सिंह आदि शिक्षक गण उपस्थित रहे।
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