बस्ती। विद्युत वितरण निगम के अभियंता भ्रष्टाचार के नए-नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्हें अब शासन, डिस्कॉम और ऊर्जा भवन के अधिकारियों का भी खौफ नहीं रहा। तभी वह खुलेआम वित्तीय अनियमितता कर सारी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं सिद्धार्थनगर जिले के विद्युत उपखंड अधिकारी नौगढ़ योगेश बघेल की। इनके कारनामें ऐसे हैं कि एक बार को यकीन कर पाना मुश्किल हो जाएगा।
योगेश अपनी ऊंची पहुंच के दम पर भ्रष्टाचार का दंभ भरते हैं। योगेश ने महज छह महीने में 227 उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन जबरिया स्थायी रुप से बंद कर दिया। जिससे निगम को करीब 4.26 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लेकिन, उन्हें व्यक्तिगत खूब फायदा हुआ। जब मामला मीटर खंड के अधिशासी अभियंता अजीत के संज्ञान में आया तो वह उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराए। बस यहीं से सौदेबाजी का सारा खेल शुरू हुआ। चूंकि योगेश ने जबरिया स्थायी विच्छेदन से खूब माल बटोरा है तो जांच के नाम बंदरबांट शुरू हो गई। इसमें मुख्य अभियंता से लेकर, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता तक शामिल हैं। वरना इतने बड़े मामले का खुलासा होने के बाद योगेश बघेल को तत्काल निलंबित कर दिया गया होता। मजे की बात तो यह है कि मामले का खुलासा होने के बाद योगेश ने फुल टाइम पीडी वाला धंधा बंद कर दिया। तब से किसी उपभोक्ता की जबरिया पीडी नहीं की गई।
विद्युत वितरण निगम में हर स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। सूत्र बताते हैं जबरिया कनेक्शन विच्छेदन करके बंद कर देने में तमाम अधिकारियों और मीटर विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए आवेदन के बाद बकायदा उपभोक्ताओं को नोटिस जारी की जाती है। उपभोक्ता को परिसर से मीटर उतारने का प्रपत्र दिया जाता है। पीडी रजिस्टर, परीक्षण प्रयोगशाला से सीलिंग प्रमाण पत्र, एम-5 रिपोर्ट आदि तैयार होती है। इसके बाद एक संयुक्त टीम उपभोक्ता के परिसर की वर्तमान स्थिति का आंकलन कर सत्यापन रिपोर्ट तैयार करती है। लेकिन, नियमों का पालन नहीं किया गया। इतना ही नहीं बघेल से जब इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने जवाब तक देना उचित नहीं समझा। एक सोची समझी रणनीति के तहत वित्तीय अनियमितता की गई। इसमें अधिशासी अभियंता सिद्धार्थनगर ज्ञान प्रकाश ने उनका खूब साथ दिया। ज्ञान प्रकाश, बघेल और उनके चिंटू मिंटू ने खुद की खामियों को छुपाने के लिए मीटर खंड के अधिशासी अभियंता को नासमझ और सनकी तक बता दिया था। मुख्य अभियंता अपना हिस्सा लेकर खुद के सेवानिवृत्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
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