बस्ती। भारतीय किसान यूनियन (भानु) बस्ती मंडल के प्रवक्ता चंद्रेश प्रताप सिंह को लगातार किसानों से यह शिकायतें मिल रही हैं, कि विभाग के लोग खुले आम घूस ले रहे हैं, जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जनपद में क्षेत्रीय कर्मचारियों के पास तीन से अधिक न्याय पंचायत आवंटित हैं, जिसमें प्रत्येक न्याय पंचायत में लगभग 50 गांव हैं। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों का हर गांव में पहुंचकर विभागीय कार्य करना संभव नहीं है। उप कृषि निदेशक, सिद्धार्थनगर द्वारा दो क्षेत्रीय कर्मचारी राकेश शर्मा प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी एवं सुनील कुमार प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी, जिनका कार्य न्याय पंचायत में विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन करना है, उन्हें अनाधिकृत रूप से कार्यालय में सम्बद्ध कर लिया गया है। इन दोनों कर्मचारियों द्वारा कार्यालय में बैठकर कृषि यंत्रीकरण योजना के नाम पर किसानों से धन उगाही की जा रही है एवं किसानों से आए दिन अभद्र व्यवहार किया जा रहा है, जबकि इनका कार्य न्याय पंचायत स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, बीज वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का कार्य करना है। उप कृषि निदेशक कार्यालय में वर्तमान में 1 प्रधान सहायक, 5 वरिष्ठ सहायक, 2 कनिष्ठ सहायक कार्यरत हैं। इनसे कार्य न कराकर शासनादेश और नियमों को दरकिनार कर मोटी रकम वसूलने हेतु उक्त दोनों क्षेत्रीय कर्मचारियों को कार्यालय में रखकर वसूली कराई जा रही है।  जनपद में कृषि यंत्रीकरण योजना में डीलरों के माध्यम से कृषि यंत्रों में खुली लूटपाट की जा रही है। समस्त न्याय पंचायतों में कर्मचारी तैनात न होने से किसानों को भारी समस्या हो रही है। इससे स्पष्ट है कि उप कृषि निदेशक सिद्धार्थनगर द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करके व्यक्तिगत लाभ को बढ़ावा देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोनों क्षेत्रीय कर्मचारियों का अनाधिकृत सम्बद्धीकरण तत्काल समाप्त कर उन्हें उनकी मूल न्याय पंचायतों में भेजा जाए। किसानों से अवैध वसूली और अभद्रता करने वाले कर्मचारियों व डीलरों पर सख्त कार्रवाई हो। उप कृषि निदेशक, सिद्धार्थनगर की भूमिका की जांच कर भ्रष्टाचार के दोशियों पर कार्रवाई की जाए। कहा कि यदि सात दिवस के अंदर कार्यवाही नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन (भानु) बस्ती मंडल धरना-प्रदर्शन को बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।