बस्ती। हर्रैया तहसील और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुये न्याय की मांग को लेकर  बुधवार को ग्रामीण भूख हड़ताल और धरने पर बैठ गये। धरना दे रहे लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। हर्रैया थाना क्षेत्र के सहसराव निवासी प्रेम प्रकाश वर्मा ने बताया कि धरना शुरू होने के बाद भी अभी तक कोई सक्षम अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। प्रेम प्रकाश वर्मा ने आरोप लगाया कि हर्रैया तहसील एवं पुलिस प्रशासन के कुछ कर्मचारियों द्वारा उनके परिवार और सहयोगियों को कथित रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उनके और उनके सहयोगियों के विरुद्ध फर्जी तरीके से कई मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। साथ ही गुंडा एक्ट की कार्रवाई और मुकदमों की धमकी देकर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में 16 मई एवं 17 अगस्त 2026 को उपजिलाधिकारी हर्रैया के माध्यम से जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर 3 नवंबर 2026 से भूख हड़ताल एवं अनशन शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मी कपिल देव सिंह जिन्होने 25 हजार रूपया रिश्वत लिया के साथ ही अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई करने, कथित फर्जी मुकदमों को निरस्त कराने तथा पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार और सहयोगियों को लगातार परेशान किया जा रहा है तथा शिकायतों के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रेम प्रकाश वर्मा ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना एवं भूख हड़ताल जारी रहेगी। धरने में ग्राम प्रधान मीरा देवी, संदीप वर्मा, अजय वर्मा, काजल वर्मा, घनश्याम वर्मा, प्रियंका वर्मा, भागवत देई, गुड़िया वर्मा, लक्ष्मी प्रसाद वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।