बस्ती। नगर पंचायत भानपुर के विकास के नाम पर डूडा और नगर पंचायत भानपुर के लोग मिलकर लूट रहे हैं, डूडा सड़कों के निर्माण के नाम पर लूटपाट कर रहा हैं, तो नगर पंचायत मूलभूत सुविधाओं और नाला-नाली निर्माण में धन का बंदरबांट कर रहे है। एक तरह से दोनों सरकारी संस्थाए सरकार को ही लूट रही है। इसका अंदाजा आप लोगों को नगर पंचायत क्षेत्र के नौगढ़वा मार्ग और बैदोला सड़क की दुर्दशा देखकर अंदाजा लगा सकते है। नौगढ़वा सड़क तो पांच तक चली लेकिन महाराणा प्रताप नगर बैदोला की सड़क तो एक माह में ही टूट गई। इससे नगर पंचायत भानपुर विकास के दावों पोल डूडा ने खोल दी है। महाराणा प्रताप नगर बैदोला गाँव की तरफ आने वाली सड़क प्रशासन की अनदेखी की शिकार हो रही है। हालांकि इस मार्ग पर अभी आवागमन चालू है और लोग चल-फिर पा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी चिंता और आपत्ति की बात यह है कि इस नई सड़क को बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और यह अभी से जगह-जगह से उखड़ना चालू हो गई है। महाराणा प्रताप नगर बैदोला के निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि इस त्ब्ब् सड़क के निर्माण में मानकों की घोर अनदेखी की गई है। घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी लापरवाही के कारण ही सड़क एक महीने के अंदर ही जगह-जगह से दरकने और उखड़ने लगी है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह सड़क पूरी तरह से टूट जाएगी। सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, नियमानुसार डूडा के संबंधित अवर अभियंता (जेई साहब) मौके पर अपनी फाइनल रिपोर्ट (सत्यापन रिपोर्ट) लगाने के लिए आए थे। जब जेई साहब वहां पहुंचे, तो महाराणा प्रताप नगर बैदोला के जागरूक ग्रामीणों ने उन्हें सड़क पर ही रोक लिया।

ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर दिखाया कि सड़क मानक के हिसाब से सही नहीं बनी है और अभी से उखड़ने लगी है। लेकिन जेई साहब ने जनता की एक न सुनी। वे ग्रामीणों की जायज शिकायत और आपत्ति को पूरी तरह अनसुना करके, बिना किसी की बात सुने और बिना कोई संतोषजनक जवाब दिए वहां से सीधे चले गए। अधिकारियों का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना रवैया साफ तौर पर मिलीभगत और जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। सड़क की इस दुर्दशा और अधिकारियों के इस तानाशाही रवैये से महाराणा प्रताप नगर बैदोला गाँव और भानपुर की जनता में भारी आक्रोश और निराशा है। एक महीने के भीतर ही सड़क का उखड़ना और जांच करने आए अधिकारी का जनता को दुत्कारना यह साबित करता है कि सरकारी धन का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। गांव वालों ने जेई द्वारा लगाई गई रिपोर्ट को खारिज कर इस रोड के निर्माण की किसी उच्च स्तरीय टीम से निष्पक्ष जांच कराने, मानकों की अनदेखी करने वाले ठेकेदार और जनता की बात अनसुनी करने वाले संबंधित जेई के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और सड़क को पूरी तरह बर्बाद होने से बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से इसे मानक के अनुसार दुरुस्त कराए जाने की मांग की है। अगर इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुलती तो गांव वाले यह मान लेगें कि नगर पंचायत भानपुर क्षेत्र में जो भी भ्रष्टाचार हो रहा है, उस पर प्रशासन आंख बंद किए है। पोस्टरों के जरिए जिस तरह गांव के लोग प्रशासन को जगाने के लिए आवाज उठा रहे हैं, अगर उनकी आवाज को नहीं सुना गया, या फिर दबा दिया गया तो फिर विरोध करने वालों का जन सैलाब आ जाएगा। क्यों कि नगर पंचायत भानपुर में धीरे-धीरे आम जन में रोष बढ़ता जा रहा है, अब लोगों को समझ में आ गया है, कि डूडा और नगर पंचायत भानपुर के भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदार पिछले छह साल से विकास के नाम पर उनकी गाढ़ी कमाई लूट कर रहे है।