बनकटी/बस्ती। गांव और परिवार वाले जिसे आत्महत्या मान रहे थे, असल में वह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या निकला, और हत्या किसी और ने नहीं बल्कि छोटी बहन ने इस लिए कर दिया, ताकि उसका छोटा भाई कहीं उसके आशनाई का भेद न खोल दे। इस आशनाई के चक्कर में नाबालिक हत्यारा बनते/बनती जा रही है। जिन बच्चों की उम्र पढ़ने लिखने और खेलने की होती है, अगर उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी तो उनके परिवार और समाज पर क्या बीतेगी? मोबाइल ने सबसे अधिक बच्चों को ही बर्बाद किया है। अब जरा अंदाजा लगाइए कि 10-12 साल की लड़की और लड़के के लिए मोबाइल किस काम हैं, माता-पिता भी नहीं सोचते कि जिन बच्चों के हाथों में किताब और पेन होना चाहिए, अगर उनके हाथों में मोबाइल होगा तो बच्चों का क्या होगा? कहना गलत नहीं होगा कि आज जो नाबालिग हत्यारा बनते/बनती जा रही है, उाके लिए मां-बाप ही जिम्मेदार है।
लालगंज थाना क्षेत्र के थाल्हापार गांव में 10 अप्रैल शनिवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई थी, जहां 12 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, थाल्हापार निवासी सतई चौधरी का परिवार खेत से गेहूं लाकर घर के निचले हिस्से में रख रहा था। इसी दौरान उनका 12 वर्षीय पुत्र आर्यन घर की छत पर बने कमरे में था। करीब सुबह 11 बजे उसकी बहन जब छत पर पहुंची तो आर्यन को अचेत अवस्था में पड़ा देख चीख-पुकार मचाने लगी।
शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने तत्काल आर्यन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचाया, जहां डॉक्टर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय बस्ती रेफर कर दिया। लेकिन महादेवा से परिजन शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप सिंह यादव व स्पेक्टर लालगंज विनय कुमार पाठक मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया एवं परिवार वालों से पोस्ट मार्डम करवाने की बात कही, जिस पर घर वालों ने पोस्ट मार्डम करवाने के लिए मना कर दिया था। उक्त लोगों द्वारा पंचनामा की कार्यवाही करवाने के बाद सुलह समझौते में कोई कार्यवाही नहीं चाहते हैं, पूरी करा दी थी।दूसरे दिन कुछ नात रिश्तेदार एवं गाव वाले परिवार वालो के साथ थाने पर पहुंच कर अज्ञात के खिलाफ तहरीर दिया।जिस पर लालगंज पुलिस व एटी कुदरहा बीर बहादुर सिंह ने मृतक के शव को बाहर निकलवाई व पोस्ट मार्डम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट में दम घुटने से मृत्यु की पुष्टि हुई है। जिस पर मृतक की नाबालिग बहन को मुल्जिम बनाकर जेल भेजा दिया है। चाय एवं पान की गुमटियो पर आशनाई से संबंधित चर्चा है। जिसके लिए नावालिग भाई आर्यन को जान गवानी पडी। आर्यन चार बहनों के बीच एक भाई में सबसे छोटा था। तथा कॉन्वेंट स्कूल गंगौरा में कक्षा 2 का छात्र था। इस बावत लालगंज पुलिस ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। सीओ रुधौली ने बताया की यह मामला बच्चों की लड़ाई झगड़ा से संबंधित है, मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। विवेचना की जा रहीं हैं।
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