प्रधानमंत्री के घर में जन्मे, बड़े हुए राहुल गांधी ने 4000 किलोमीटर पैदल चलकर भारत को जोड़ा

ओमप्रकाश गौतम
देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्ति के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू 12 साल जेल में रहे। आजादी के बाद देश को कई संस्थान देकर देश को तरक्की की राह दी। दुनिया में अपना नाम का डंका बजाया।जवाहर लाल नेहरू की पुत्री इंदिरा गांधी ने देश को सर्वोपरि रखकर झुकी नहीं,डरी नहीं,कई मुश्किलों में देश का नाम दुनिया के पटल पर रखकर यूं ही आयरन लेडी  नहीं बन गई थी। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के घर जन्मे, पले राहुल गांधी ने बचपन से उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को देखा,जाना इतना ही नहीं अपनी दादी इंदिरा गांधी की हत्या पर उनके खून को सड़क पर बहते हुए देखा। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पिता प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी देश को सर्वोच्च रख अपना खून बहाया। पिता के खून को भी बहते हुए करीब से देखा।  राहुल गांधी की मां प्रधानमंत्री बन सकती थी मगर देश के लिए त्याग कर डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाना मामूली चिंतन सोच नहीं था। सत्ता की चाह में भाजपा ने प्रधानमंत्री घराने के राहुल गांधी को शहजादा कहते हुए पप्पू बनाने में एक हजार करोड़ खर्च कर दिए मगर राहुल गांधी विचलित नहीं हुए,डरे नहीं,झुके नहीं और सत्ता के दबाव में नहीं आए। कश्मीर से कन्या कुमारी तक 4000 किलोमीटर पैदल भारत जोड़ो यात्रा कर देश को एकसूत्र में बांधने का अभियान चलाया। राजघराने का शहजादा धरती पर उतरे तो किसानी देखी,कुली बने,आमजन के कारोबार की  मुश्किलों को परखा। युवा के बेरोजगार होने,पेपर लीक होने पर देश के भविष्य को खतरा बताकर संसद से सड़क पर आ गए। छात्रों की गूंज के साथ युवाओं की धड़कन बनकर जननायक के रूप में देश के लोकतंत्र को बचाने में जुटे है। लोकतंत्र संविधान से चलता है। मनुवादी एक सोच संविधान के विरुद्ध रही है, मनुवादी सोच संविधान की शपथ के साथ ही सत्ता में काबिज हुए जिसने सरकारी संस्थान पूंजीपतियों के हवाले कर दिए। 

तेरी मां,मेरी मां
मां किसी की भी हो समान होती है। मां बनने पर दूसरा जन्म लेना होता है मां का दर्जा कोई नहीं ले सकता है। राहुल गांधी की मां जिसने अपनी प्रधानमंत्री सास, अपने प्रधानमंत्री पति के बहते खून को देखा उसने देश की एकता,अखंडता को ऊपर रखा उसे अपशब्दों से पेश आते मगर राहुल गांधी की मां विचलित नहीं हुई और देश के संविधान द्वारा लोकतंत्र बचाने में संघर्ष शील हैं।