-यह कारनामा पीडब्लूडी निर्माण खंड-एक के एक्सईएन ने विकास खंड बनकटी के ग्राम पंचायत बेहिल में 40 लाख की लागत से बनी घटिया सीसी रोड में किया, इसकी शिकायत गंगाराम यादव ने की

बस्ती। सड़क निर्माण में जब पीडब्लूडी निर्माण खंउ-एक में एक हजार सीमेंट बोरी के स्थान पर तीन सौ बोरी का इस्तेमाल होगा तो सड़क की गुणवत्ता पर सवाल भी उठेगें, और उसकी जांच भी होगी। विकास खंड बनकटी के ग्राम पंचायत बेहिल निवासी एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर हथौड़ा चलाने वाले गंगाराम यादव ने मुख्यमंत्री पोर्ट पर एक शिकायत किया जिसमें

गांव में हरिमोहन सिंह के घर से बाबू राम गौतम के घर तक सीसी रोड 150 मी. को गुणवत्ताविहीन बताते हुए लिखा कि बेस में सिर्फ बड़ी गिटटी डाला गया, उसमें न तो सीमेंट, न पत्थर का चूरा, न पानी, और न मोरंग ही मिलाया गया। मानक से भी सीसी साइड से छह अंच दिख रहा हैं। बीच में चार इंच से भी कम है। वहीं दूसरा घटिया निर्माण राजा राम चौहान के घर से मंजूर के घर के पास हो रहा है। लिखा कि जहां पर एक हजार बोरी सीमेंट का प्रयोग होना था, वहीं ठेकेदार और इंजीनियर ने मिलकर तीन सौ बोरी में काम चला दिया, सात बोरी सीमेंट का तो घोटाला किया ही, साथ ही 40-50 लाख की सड़क को सत्यानाश कर दिया। जिसे लेकर ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। जेई से पूछने पर कहा कि विभाग में इसी तरह काम होता है, अगर चुप नहीं रहोगें तो काम बंद करवा दूंगा। षिकायत में जांच कराने की मांग की गई। इस पर एक्सईएन ने 28 फरवरी 26 को एई हरे राम प्रसाद की अध्यक्षता में जेई धमेंद्र यादव एवं जेई मनोज कुमार की जांच टीम बनाई। अब जरा एक्सईएन और जांच टीम का खेल तो देखिए। जिस दिन जांच टीम बनाई गई, उसी दिन पोर्टल पर षिकायत को बिना जांच किए यह कहते हुए मामले को निक्षेपित करने की अपील किया गया, कि जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सवाल, उठ रहा है, क्यों नहीं एक्सईएन ने कि यही रिपोर्ट जांच रिपोर्ट आने के बाद निक्षेपित करने की अपील करते। एक ही दिन में जांच टीम बनाना और उसी दिन मामले को निक्षेपित करने की रिपोर्ट लगाना चर्चा का विषय बना हुआ है। जो सड़क सीमेंट और मोरंग के बिना बनेगी उसका क्या हर्ष होगा? यह सोचने वाली बात है।