-किन्नरों के रंगदारी मांगने के विरोध में तुलस्यान वस्त्रालय के एमडी पवन तुलस्यान ने किन्नर काजल की अगुवाई वाली आधा दर्जन किन्नरों के विरुद्व मुकदमा दर्ज के लिए कोतवाली में तहरीर दी

-किन्नरों ने कहा कि अगर 21 हजार नहीं मिला तो दूसरे दिन हम लोग फिर आएगें और एक भी ग्राहक को दुकान में घुसने नहीं देगें, गेट पर ही हम लोग बैठ जाएगें

-सीओ सदर ने कहा कि अगर कोई किन्नर त्यौहारी या फिर नेग के रुप में रंगदारी मांगती हैं, तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जाए और 112 को काल करें

बस्ती। मंडल के सबसे बड़े कपड़े के शो रुम ‘तुलस्यान वस्त्रालय’ में रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया, दुकान में घुसकर मांगी गई, यह रंगदारी, किसी गुंडा या फिर बदमाष ने नहीं, बल्कि किन्नर काजल की अगुवाई में गई आधा दर्जन किन्नरों ने मांगी। रंगदारी न मिलने न मिलने पर किन्नरों ने हंगामा किया, मैनेजर पंकज यादव और अन्य स्टाफ के साथ गाली गलौज तक किया। फिर भी मैनेजर ने होली के त्यौहारी के रुप में 1100 रुपया देना चाहा, लेकिन यह लोग 21 हजार मांग रही थी। कहा कि अगर 21 हजार नहीं मिला तो दूसरे दिन हम लोग आएगंी, और दुकान के गेट पर बैठ जाउंगी, और दुकान के भीतर किसी भी ग्राहक को जाने नहीं दूंगी। जब इसकी जानकारी मैनेजर के द्वारा प्रतिष्ठान के एमडी पवन तुलस्यान को हुई, तो उन्होंने किन्नरों को नीचे आफिस बुलाया, और समझाने का प्रयास किया कि हमारे यहां सिर्फ दिपावली में ही त्यौहारी दी जाती, होली में नहीं, सम्मान के रुप में एमडी ने भी 1100 रुपया देने का प्रयास किया, लेकिन यह लोग 11 हजार पर अड़ी रहीं। कहा कि अगर 11 हजार नहीं मिला तो दुकान में आकर हंगामा करेगें, और दुकान की इंटी गेंट से किसी भी ग्राहक को अंदर नहीं जाने देगें। इस पर पवन तुलस्यान ने सीओ सदर को फोन करके बताया, कि यह लोग अक्सर त्यौहारों पर रंगदारी मांगने आतीे, और न देने पर गाली-गलौज करती है। कहा कि प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी में किन्नरों की सारी गतिविधियां कैद, आवष्यकता पड़ने पर वह पुलिस को उपलब्ध भी करा सकते है। कहा कि यह लोग अन्य प्रतिष्ठानों में भी जाकर इसी तरह रंगदारी मांगतीं, और न मिलने पर हंगामा करतीं हैं। जिससे अधिकांश कारोबारी दुखी और पीड़ित है। इस पर सीओ ने कोतवाली में तहरीर देने को कहा, और यह भी कहा कि अगर यह लोग आतीं है, तो 112 को काल कीजिए, पुलिस कार्रवाई करेगी। यह घटना 28 फरवरी 26 के छह बजे षाम की है। सीओ ने कहा कि अगर कोई भले ही चाहें वह किन्नर ही क्यों न हो त्यौहारी और नेग के नाम पर रंगदारी मांगता/मांगती है, या फिर हंगामा करता/करती है, तो फौरन 112 को काल करिए, और इसकी तहरीर पुलिस को भी दीजिए, ताकि पुलिस तहरीर के हिसाब से रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके।

कुछ दिन पहले जब राज्यपाल मैडम, गरिमा गृह का उदघाटन करने आई थी, तो वह इन लोगों के साथ 20 मिनट तक रही है, यह समझाती रही, कि आप लोग मुख्य धारा से जुड़ियों और सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजना का लाभ उठाइए और आत्म निर्भर बनिए। इतना तक कहा कि क्या आप लोग सुबह-सुबह साड़ी पहनकर भीख मांगना अच्छा लगता है? कहा कि स्किल डवलपमेंट प्लान के जरिए आत्म निर्भर बनिए, और मुख्य धारा में शामिल होईए। जिस तरह नेग और त्यौहारी के नाम पर किन्नरों की गतिविधियां सामने आ रही है, उससे पूरे किन्नर, समाज की बदनामी हो रही है। इससे किन्नरों को मुख्य धारा से जोड़ने की सरकार की योजना विफल होती नजर आ रही है। इन लोंगों को यह अच्छी तरह समझना चाहिए, जिसे वह अपना अधिकार समझकर हंगामा करती है, वह अधिकार नहीं बल्कि अपराध की श्रेणी में आता है। इनके सुधार और इन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सालों से प्रयास कर रहे, इंदिरा चेरिटेबुल सोसायटी के अजय कुमार पांडेय भी कहते हैं, कि जब तक यह लोग खुद नहीं चाहेंगी, तब तक इन्हें कोई मुख्य धारा से नहीं जोड़ सकता। हम आप और सरकार सिर्फ प्रयास कर सकतें हैं, सरकार इन्हें सुविधा भी उपलब्ध करा सकती, लेकिन जबरिया इन्हें मुख्य धारा से नहीं जोड़ सकती। मुख्य धारा से जुड़ने के लिए सबसे पहले इन्हें ईमानदारी से पहल करना होगा, अगर यह लोग पहल करती है, तो सरकार और समाज दोनों इनके पीछे रहेगें। ऐसा भी नहीं कि सभी किन्नर एक जैसी होती है, 40 फीसद से अधिक किन्नर जजमान को वास्तव को अपना भगवान मानती हैं, और यह समझती है, कि हम लोगों की जीवन अपने भगवान रुपी जजमान के रहमो करम पर आराम से व्यतीत हो रहा। यह भी सही है, कि बस्ती में दो-तीन ऐसे टांसजेंडर हैं, जो पैंट शर्ट पहनकर काम कर रही है, और मुख्य धारा से जुड़ी हुई हैं। इन लोगों की नजर में भीख मांगने से अच्छा मेहनत करके इज्जत की दो रोटी भी खाने को मिल जाए बहुत है।