लोकतंत्र के स्तंभ न्यायपालिका,मीडिया,पर कब्जा कर,संवैधानिक संस्थाओं को बनाया पंगु

देश की धरोहर का निजीकरण कर धनाढ्यों को बेच दिए
 
देश में विपक्षीय पार्टियों और आंदोलनकारियों के मुद्दे   सरकार को नागवार गुजरे,दिखाई सत्ता की ताकत 

ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर

जनता की, जनता के लिए,जनता के द्वारा बनाई गई सरकार उस समय नहीं बच पाई जब सरकार ने मतदाता चुनाव से वंचित करा दिए।पश्चिम बंगाल में 88 लाख मतदाताओं को चुनाव के समय मतदान से वंचित कर दिए गए और सुप्रीम कोर्ट ने अगले चुनाव में मतदान करने के लिए कह दिया। यूं तो देश के संस्थान,रेल,ऊर्जा,बीएसएल,सड़क,शिक्षा,चिकित्सा निजीकरण कर दिया तो एस सी, एस टी,पिछड़ों का आरक्षण स्वत ही खत्म हो गया। देश के भविष्य युवाओं को शिक्षा से दूर करने की योजना में कराए जा रहे पेपर लीक का घड़ा फूटा तो राजशाही राजा ने छात्रों पर दमनकारी हथकंडे अपनाए। बेटियों के साथ अमानवीय बल प्रयोग किया। भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार  आरएसएस तथा पूंजीपति दोस्त के हवाले कर जनता को धार्मिक उन्माद में फंसा कर संविधान के खिलाफ लोकतंत्र को खत्म करने की रचना रची जा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से सरकार की नियत का भंडाफोड़ कर रहे है। जिन्हें भाजपा ने पप्पू बनाने में करोड़ों खर्च कर जनता को जात धर्म में फंसाकर रख दिया।
एक दशक में पेपर लीक होने की लाइन लगने पर देश के युवा छात्रों ने सड़क पर उतर कर संघर्ष कर रोक लगाई है। शिक्षामंत्री का त्यागपत्र नाकाफी है।

लोकतांत्रिक देश में सभी की सहभागिता

देश की आजादी में हिन्दू मुस्लिम,सिख,ईसाई सभी की सहभागिता रही। आजादी के बाद देश में कांग्रेस ने संस्थाओं को खड़ा कर तरक्की कराई। देश की तरक्की में सभी की हिस्सेदारी है। मगर एक विशेष वर्ग देश के राष्ट्र भक्त बन गए।जिन्होंने 75 साल में देश का तिरंगा नहीं माना,फहराया। संविधान की शपथ लेने वाले संविधान को कमजोर करने के जुटे उन्हें राजशाही सत्ता चाहिए।

अयोध्या में भगवान श्रीराम के चढ़ावे को भी लूट कर देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाकर सरकार मुद्दे को दबाने में लगी है।

पीएम हाउस के सामने पहुंचे नेता विपक्ष

लोकसभा में मुद्दे पर बोलने नहीं देने के बाद नेता विपक्ष  राहुल गांधी,सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लोक सभा अध्यक्ष के चैम्बर में पहुंचे और मांगो पर सहमति नहीं बनी तो नेता विपक्ष राहुल गांधी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सांसदों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी के आवास के सामने पहुंच गए और धरने पर बैठे पुलिस ने जबरन उठाकर कई घंटे हिरासत में रखा गया।  लोक सभा अध्यक्ष सुन लेते तो पीएम के आवास के सामने नहीं जाते। यह सब भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करता है। संविधान में सबको अपनी बात कहने तथा विरोध करने का अधिकार है।

सरकारी उपक्रम निजी हाथों में दिए

देश का महत्वपूर्ण उपक्रम बीएसएनएल ठप हो कर दिया गया और अदानी के जियो से देश चलाया जा रहा है। रेल,सड़क,शिक्षा,बिजली निजी हाथों में धनाढ्यों को दे दी गई। शिक्षित बेरोजगार,देश की 140 करोड़ आबादी में 85 करोड़ सरकारी राशन के मोहताज बनाकर विश्व गुरु का सपना देख रहे है।