बस्ती। जिले के लोगों ने डिप्टी सीएमओ एवं नर्सिगं होम के नोडल डा. एके चौधरी के महनत को देखते हुए उन्हें वसूली के सुपरबास की पदवी से नवाजा है। वैसे इनके बारे में जो भरी नेता, अधिकारी, मरीज और मीडिया कहे, कम ही है, अच्छी बात यह है, कि यह कमेंट नहीं करते, यही इनकी सफलता का राज भी है। यह भी मोदीजी की तरह खामोश रहकर अपने वसूली अभियान को गति देते रहते है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें लोगों की गाली और बदुआवों में भी अपनी सफलता नजर आती है, उसी में डा. एके चौधरी भी शामिल है। यह कहते हैं, कि जब तक उनका बास चाहेगा वह लूटपाट करते रहेंगें, नहीं चाहेगा तो नहीं करेगें, बास से मतलब डिप्टी सीएम और सीएमओ से भी हो सकता है। दो के आलावा यह और किसी को कुछ भी नहीं समझते, एडी हेल्थ, डीएम और सीएमओ तो इनकी नजर में बहुत अधिक महत्व नहीं रखते। बहरहाल, जिले में स्वास्थ्य विभाग के नाम पर चल रहा एडिशनल सीएमओ अशोक चौधरी के लूटतंत्र का खुला बाजार, जनता के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा मौत का खतरा? अपने करतूतों से कही सीएमओ व अन्य अधिकारियों को मुश्किल मे ना डाल दे एडिशनल सीएमओ अशोक चौधरी? खुलेआम कर रहे बृजेश पाठक की छवि खराब? खादी कनेक्शन या कुछ और आखिर क्यों इतने सालों से बस्ती में जमा भ्रष्टाचार का खलनायक, किसकी सहमति से पनप रहा। अशोक चौधरी के अवैध वसूली का साम्राज्य? डॉ अशोक चौधरी का रसूख इतना की इनके इशारे पर जिले में बिना योग्यता, संसाधन व निरीक्षण के धड़ल्ले से चल रहा सैकड़ों अवैध अस्पताल, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी? डॉ अशोक चौधरी ने सीएमओ ऑफिस के अंदर अपनी एक वसूली टीम खड़ी कर दी है, इसमें स्टेनो से लेकर चतुर्थ श्रेणी के कई कर्मचारी भी शामिल? अब तक स्वास्थ्य विभाग ने कई शिकायतों पर जांच बैठाई जिन शिकायतों में जांच के लिए अशोक चौधरी को शामिल किया उन मामलों में बस जांच की औपचारिकता पूरी कर इनके द्वारा आरोपियों को बचाया गया,फर्जी रिपोर्टो से शिकायतें दबा देने में माहिर है साहब? रिश्वतखोर अशोक चौधरी सीएमओ कार्यालय में बन बैठे है अवैध वसूली के सुपरबॉस, नियमों को ठेंगा दिखा अपने ऑफिस के मेज पर तय कर रहे लाइसेंस की कीमत? अशोक कुमार चौधरी के मानव संपदा से पता चला की अपनी नौकरी का 24-25 वर्ष से बस्ती मंडल ही कर रहे हैं। शासनादेश में स्पष्ट रुप लिखा गया है कि समूह क एवं ख जिले में तीन वर्ष मंडल में सात वर्ष अशोक चौधरी जिले में 24 वर्ष से कार्यरत।
अशोक कुमार चौधरी बस्ती मंडल के सिद्धार्थनगर जनपद के तिलौली के निवासी बस्ती जनपद व रुधौली में तमाम संपत्ति व बिना पंजीकरण अस्पताल। बस्ती के रुधौली तहसील मुख्यालय से महज 10 किमी है अशोक कुमार चौधरी का पैतृक गांव। इनकी संपत्तियों व आमदनी का हिसाब लगाना भी मुश्किल,डॉ अशोक चौधरी के इस गोरख-धंधे पर सीएमओ की चुप्पी,आखिर मौन स्वीकृति या संलिप्तता? अशोक चौधरी के वसूली गैंग के सरगना है अंगद वर्मा और गरीमा चौधरी। जिले भर में झोलाछाप डॉक्टर की व अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों की भरमार मानकविहीन अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना योग्य डाक्टर के टेक्नीशियन कर रहे संचालित।
सवाल उठ रहा है, कि आखिर कैसे लगे भ्रष्टाचार पर लगाम जब स्वास्थ्य विभाग खुद थामे हो वसूली की कमान
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