बस्ती। जिस दिन भाकियू गुट भदौरिया के मंडल अध्यक्ष ने डिप्टी सीएमओ डा. एके चौधरी के भ्रष्टाचार पर हमला, उसी दिन राष्टीय पत्रकार एकता संघ के राष्टीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने भी हमला, चौतरफा हमला होने से डा. एके चौधरी घबड़ा गए हैं, और बचाव का रास्ता तलाशने में लग गए हैं। डीएम को तीन पन्ने में की गई शिकायत में डा. एके चौधरी को बहुत बड़ा भ्रष्टाचारी बताया गया, वैसे डिप्टी सीएमओ को आप कुछ भी कह दें, गाली दे दे लेकिन यह कभी रिएक्ट नहीं करते और यही इनके पैसा कमाने का सफलता राज भी है। लिखा कि इनकी एक सहयोगी हैं, जिनका नाम गरिमा चौधरी है।, बताते हैं, कि इन्हीं के जरिए वसूली होती है, यह अपने आवास पर बुलाकर अवैध वसूली और फार्म-एफ के नाम पर किया जाता। फार्म-एफ के नाम पर गरिमा चौधरी पांच हजार लेती है। अगर इनके और डा. एके चौधरी के सीडीआर को चेक किया जाए तो भ्रष्टाचार का पोल खुल सकता है। कहा कि यह जांच और शिकायत या फिर प्रकाषित खबर पर विपक्ष से सौदा करते हैं, यह पैसा कमाने का कोई रास्ता नहीं छोड़ना चाहते। लीपापोती करना तो कोई इसे सीखे, इसमें इनके पास पीएचडी की डिर्ग्री है। पत्र में पहली जनवरी 24 से पांच मार्च 26 तक की अवधि में लाइसेंस पर लगाई गई रिपोर्ट की जांच करने की मांग की गई है। कोई भी इनकी ऐसी जांच रिपोर्ट नहीं होगी, जो मानकनुसार हो। 12 बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की गई है। डिप्टी सीएमओ का कहना है,  िकइस विभाग में अगर कोई भ्रष्टाचार न करे, तो जिले में एक घंटा भी नहीं रह सकता। अगर जिले में रहना हैं, और सीएमओ साहब और मंत्रीजी को खुश करना होता तो भ्रष्टाचार करना ही पड़ेगा। अब आप लोग समझ गए होगें कि इतनी शिकायत के बाद भी क्यों नहीं डिप्टी सीएमओ के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है?