बस्ती। मां और बाप को अपने चरित्र को इतना भी नीचे नहीं गिरा देना चाहिए, कि बच्चों को उन्हें मम्मी और पापा कहते हुए भी शर्म आए। अगर कोई पति अपनी पत्नी को और पत्नी अपने पति को लाइव पर एक आकर दूसरे पर चरित्रहीन होने का आरोप लगाए तो पति और पत्नी दोनों को आत्महत्या कर लेनी चाहिए। क्यों कि इससे बड़ा आरोप और कोई हो भी नहीं सकता और इस तरह के आरोप के साथ कोई जिंदा भी रहना नहीं चाहेगा। पिछले दो दिनों से एक ही परिवार के लोग लाइव पर आकर जिस तरह से एक दूसरे के चरित्र पर कीचड़ उछाल रहे हैं, उससे पूरा समाज प्रभावित हो रहा है, और ऐसे परिवार से दूर रहने की बातें कर रहा है। लोगों को यह जानकर हैरानी हो रही है, कि क्या समाज में इस तरह का भी कोई परिवार हो सकता है। सवाल उठ रहा है, कि इस परिवार ने आखिर समाज को अपनी हरकतों से क्या संदेष दिया? इस परिवार ने एक ऐसा संदेश देने का काम किया हैं, जिसे सभ्य समाज कभी स्वीकार ही नहीं कर सकता, लोग यहां तक भी कह रहंे हैं, कि क्या ऐसा भी कोई परिवार हो सकता है, जो इतना नीचे भी गिर सकता है? इस परिवार ने पूरे ब्राहृमण समाज को षर्मषार कर दिया। क्यों कि इस वर्ग को समाज, आज से नहीं बल्कि सदियों से पूज्यनीय और आदरणीय मानता आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल पत्नी पर इस बात को लेकर उठ रहा है, कि बकौल पत्नी जब उनका पति का अंतरंग सबंध पुरुषों से ही रहा तो फिर वह कैसे दो बेटों के बाप बन गए? अगर कोई पत्नी अपने पति के बारे में दुनिया के सामने इस तरह की बातें करती हैं और पति को समाज के सामने रुसवा करती हैं, तो पत्नी के बारे समझा जा सकता है, कि किस तरह के नेचर की होगंी। क्यों कि हम जिस समाज में रह रहें हैं, वहां पति को भगवान माना गया, ऐसे में अगर कोई पत्नी अपने भगवान के बारे में इस तरह की बातें कहती है, तो समाज ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करता। यही बात पति पर भी लागू होता, भले ही चाहे पत्नी कितनी भी चरित्रहीन हो लेकिन पति को अपने पत्नी को चरित्रहीन कहने का कोई अधिकार नहीं है। यहां पर तो पत्नी ने न सिर्फ पति को चरित्रहीन बताया, बल्कि बहु को भी उसी श्रेणी में खड़ा कर दिया। इससे पहले भी मामा और भांजी के द्वारा एक दूसरे परिवार पर पैसे के लेन-देन को लेकर लाइव पर आकर एक दूसरे पर कीचड़ उछाला जा चुका है। जिस परिवार के दो जवान बेटों की मौत हो चुकी हो, उस परिवार में अगर इस तरह की बाते होती है, तो कहीं न कहीं इस पूरे मामले में ऐसे लोगों का हाथ हो सकता है, जो अपने लाभ के लिए एक दूसरे बीच समझौता कराने के बजाए आग में घी डाल रहा है। देखा जाए तो सारी लड़ाई उस मकान की है, जिसे पत्नी ने पति और बहु से सलाह लिए बिना चोरी छिपे अनूप खरे के हाथ में एक करोड़ में बेच दिया। जो बातें छन के आ रही है, उसे अगर सही माना जाए तो इस मकान को बेचवाने में उस आदमी का हाथ है, जिससे अनूप खरे का लेन-देन है। सवाल यह नहीं हैं, कि मकान किसने खरीदा और किसके द्वारा खरीदा, सवाल यह है, कि क्या परिवार की इज्जत से बढ़कर कोई मकान हो गया? बकौल पत्नी उन्होंने एक-एक रुपया जमाकरके तीन बार में तीन बिस्वा जमीन खरीदा और मकान बनवाया। हालांकि पति का कहना है, कि इसमें सबका का पैसा लगा हुआ है। देखा जाए तो एक करोड़ मकान के चलते परिवार की इज्जत सड़क पर नीलाम हो रही है, ऐसे मेें सवाल उठ रहा है, कि इज्जत बड़ी कि मकान बड़ा। बात जब नाती के सड़क पर आ जाने की हुई तो नानी यानि पत्नी ने कहा कि वह नाती के लिए घर बनवाकर दूंगी। मकान बेचकर अगर पत्नी परिवार के साथ रहती तो उतना बवाल न उठता, बवाल दूसरे के साथ रहने से मचा। पत्नी का यह कहना कि उसके पति के पहले भी षादी हो चुकी है, अपनी षादी को लेकर उन्होंने कहा कि बस यूं ही हो गई। यह भी कहा कि उसके पति चरित्रहीन हैं, और उनका संबध दूसरी और औरत से भी था। जिस तरह पहले पति और उसके बाद पत्नी ने बेशर्मी से एक दूसरे के उपर कीचड़ उजाला, उससे लोग सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या ऐसा भी कोई जोड़ा हो सकता है। रही बात पत्नी और बहु के चरित्र की तो पत्नी एर्बासन के मामले में जेल जा चुकी है, और बहु पर एबार्सन करवाने और बच्चा चोरी करने का आरोप लग रहा है। पत्नी ने तो यहां तक कह डाला कि उसकी बहु के साथ किसी अस्पताल वाले अमित श्रीवास्तव से नाजायज संबध है। विधवा बहु के बारे में कहा जाता है, कि महिला अस्पताल के सामने की गली में एक छोटे से कमरे में गर्भवती महिलाओं का आपरेशन और एबार्सन के साथ अस्पताल से बच्चा चोरी करने का आरोप लग रहा है। अब आप लोग समझ गए होंगे कि एक दूसरे पर कीचड़ उछालने वाले परिवार के लोग कितने शरीफ और इज्जतदार है। कहने का मतलब न तो सास और न बहु किसी को पैसे की कोई कमी नहीं हैं, सभी को मकान दिख रहा है। जो पत्नी अपने पति को छोला छाप डाक्टर बता सकती है, और चरित्रहीन कह सकती है, उससे अच्छे की उम्मीद नहीं की जा सकती। अच्छे की उम्मीद उस पति और पत्नी से की जाती है, जो आइडिएल होते हैं, लेकिन यहां पर तो ऐसा कुछ भी नहीं।