बस्ती। लाइव पर आकर ‘रेखा मिश्रा’ ने वही लगती कि जो कभी ‘नमन श्रीवास्तव’ और ‘दिव्यांशु श्रीवास्तव’ ने किया था। मीडिया बार-बार उन लोगों को सलाह देती आ रही हैं, कि अगर कोई आरोपी लाइव पर आकर बचाव में अपना पक्ष रख रहा है, तो इसका मतलब वह खुद अपनी इज्जत को उछाल रहा हैं, जिस अच्छी बुरी बात को बहुत कम लोग जानते थे, उसे लाइव पर आने के बाद लाखों लोग जानने लगंगें, यानि इज्जत किसी और ने नहीं बल्कि खुद आरोपी ने ली। इसी लिए बार-बार कहा जाता है, कि सोषल मीडिया पर कमेंट के बदले कमेंट मत करिए। जिस दिन कमेंट किया, उस दिन इज्जत का जनाजा समझो निकलना तय है। कमेंट करने से अच्छा समय का इंतजार करिए, और समय मिलते ही हथौड़ा मार दीजिए। रही बात समय और अवसर मिलने की तो वह आज नहीं तो कल मिलेगा ही। लाइव पर आकर अब तक न जाने कितने डाक्टर अपना नुकसान करा चुके है। लाइव पर आने वाले लोगों को यह समझना होगा कि अपनी मन की भड़ास निकालने के लिए सोषल मीडिया कोई उचित प्लेटफार्म नहीं है। कहने का मतलब लाइव पर आकर आप खुद अपने पैर में कुल्हाड़ी मारतें हैं, जो बात बनने वाली होती हैं, वह भी लाइव पर आकर बिगड़ जाती, सामने वाले का गुस्सा बढ़ता, और इसी गुस्से में कभी-कभी इंसान बड़ी गलती भी कर जाता हैं, जिसका पछतावा उसे पूरी जिंदगी रहता है। जो मसला परिवार में रहकर और आपसी बातचीत से सुलझ सकता है, उसे सोषल मीडिया पर लाना बेवकूफी है। अगर रेखा मिश्रा लाइव पर आकर अपना पक्ष नहीं करती, पति एवं बहु के बारे गलत सही बातें न करती तो कोई यह न जान पाता कि रेखा मिश्रा जेल भी जा चुकी है, और वह उन हजारों बच्चों के मौत की जिम्मेदार हैं, जिनका दुनिया में आने से पहले कत्ल कर दिया गया, यानि एर्बासन के जरिए उनकी हत्या कर दी गई।

जैसे ही रेखा मिश्रा लाइव पर आई तो लोग कहने लगे कि अरे यह तो वहीं महिला जो एर्बासन कराने में काफी मषहूर है। अब जरा अंदाजा लगाइए कि जिस महिला को कोई नहीं जानता था, उसे लोग कहने लगे कि कि यह तो वही महिला हैं, जिसके पति ने चरित्रहीन कहा। आरबी सिंह श्रीनेत्र लिखते हैं, कि इनसे पूछिए जरा, कि इन्होंने हजारों अनजमें बच्चों को गैरकानूनी रुप से गर्भपात करवाकर क्यों मार डाला? और फिर इसी जुर्म में जेल काटकर दोबारा फिर इसी तरह से अभी तक इस कुकर्म में क्यों संलिप्त हैं? लिखते हैं, कि रेखा मिश्रा आपने न केवल ‘पांडेयजी’ के साथ मिलकर कई दुर्दांत अपराध किए, बल्कि नेताजी से जाजायज रिष्ता रखते हुए चोरी से वह संपत्ति बेच दी, जिसमें आपके पति, आपकी बहु और आपके बहु के पति का भी पैसा लगा था। विष्णु विराट सिंह लिखते हैं, कि इनसे पूछिए कि इनके बेटे इनके उपर मुकदमा के नाते डिप्रेषन में थे कि किसी उत्तराखंड की लड़की के नाते, उनको स्कूल से बाहर निकाला गया था। रिचा राजीव वर्मा लिखती है, कि आप सब झूठ बोल रहें हैं, अंकल एक अच्छे इंसान हैं, आप की वजह से बेचारे का यह हाल हो गया। नरसिंह वर्मा लिखते हैं, कि सच में घोर कलयुग आ गया है भैया, एक तरफ एक औरत कह रही है, कि मेरा पति होम्योए हैं, तो फिर दो बच्चे कैसे हुए, किसके साथ हुआ पति या पत्नी के साथ डा. डीएम सिन्हाजी जिसमें रहते हैं, पहले वह घर डा. वीएन पांडेयजी का था, गजब की उनकी प्रेक्टिस चल रही थी, उनका इलाज कराकर खुद मैं अच्छा हुआ हूं, लेकिन अचानक उनकी मेमोरी स्वीच आफ हो गई, फिर घर बिकते देख लोगों को दूर होते देखा, डाक्टर को ठीक होते देखा अकेले देखा। ठाकुर मोनू सिंह लिखते हैं, कि लेकिन आप तो नेताजी के साथ होटल में जाती थी। धनजय चौधरी लिखते हैं, कि बड़े नेता से लेकर छुटभैया नेता तक पार्टी में सब चरित्रहीन ही है। आदर्ष सिंह लिखते हैं, कि घोर कलयुग यह समाज किस दिषा में जा रहा है। बलरामजी, इसे कंलक मानते। अखिलेष कुमार षुक्ल लिखते हैं, कि जो बहुत ज्यादा सच बोलता है, वही सधी बात साधकर बोलता है, और साधकर बोलने में अक्सर चूक हो जाती है। उक्त कमेंट पढ़कर आप लोग समझ गए होगें कि क्यों मीडिया बार-बार यह कहती आ रही है, कि सोषन मीडिया पर लाइव पर न आइए, वरना चडडी और बनियाइन सब उतर जाएगी।