बस्ती। खाद की कालाबाजारी को लेकर आवाज उठाने वाले भाकियू भदोरिया गुट के मंडल अध्यक्ष उमेश गोस्वामी की माने तो जिला कृषि अधिकारी ने उसे मारने के लिए साधन सहकारी समिति कुदरहा के सचिव राजकुमार पाल को सुपारी दी है। एसपी को लिखे पत्र में कहा कि अगर मेरी हत्या होती है, तो इसके लिए जिला कृषि अधिकारी और सचिव को जिम्मेदार माना जाए।
वैसे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों ने आवाज उठाना बंद कर दिया, जो उठा भी रहा है, उसे जान से मारने की धमकी ही नहीं दी जा रही है, बल्कि जान से मारने की सुपारी भी दी जा रही है। सुपारी किसी और ने नहीं बल्कि जिले के सबसे बड़े खाद के अधिकारी की ओर से देने की शिकायत की गई है। जिले में खाद की कालाबाजारी को लेकर उमेश गोस्वामी, इसकी शिकायत कृषि मंत्री से करने के लिए लखनऊ तक पहुंच गया, मंत्रीजी ने डीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि चाहें जैसे हो इसका निस्तारण हम्हें हर हाल में चाहिए, क्यों कि उमेष, मंत्रीजी के सामने ही कहकर आया था, कि आप का जिला कृषि अधिकारी थोक विक्रेताओं से प्रति बोरी 100 रुपया ले रहे हैं, जिसके चलते किसानों को जो खाद 266 में मिलनी चाहिए, उसे खुदरा विक्रेता 450-500 में बेच रहे हैं, अधिकारी को जिले से बाहर तबादला करने की भी मांग की। इसने विषेष रुप से कुदरहा स्थित साधन सहकारी समिति के सचिव राजकुमार पाल की ओवर रेटिगं और प्राइवेट दुकानदारों को ब्लैक करने की भी शिकायत की थी। मंत्रीजी के निर्देश पर विकास भवन से दो बार टीम भी जांच में गई, लेकिन हर बार पैसा लेकर उन्हीं किसानों से मनमाफिक बयान लेकर रिपोर्ट लगाने की भी शिकायत की। इधर डीओ के लाख प्रयास करने के बावजूद उमेश मैनेज नहीं हुआ, उधर मंत्रीजी का दबाव। बकौल उमेश गोस्वामी, डीओ ने सचिव से कहा कि हम्हें हरहाल में उमेश का राजीनामा चाहिए, अगर नहीं देता है, तो उसे खत्म कर दो। सचिव, सादा कागज लेकर गया भी, लेकिन हस्ताक्षर करने से उमेश ने मना कर दिया, इस पर सचिव ने कहा कि अगर हस्ताक्षर नहीं करोगे तो जान से हाथ धोना पड़ेगा, क्यों कि तुम्हें खत्म करना हमारी ओैर साहब की मजबूरी है। इससे पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायत पर इसे कुछ लोग उठा ले गए, और गले में बेल्ट से लटका दिया, वह तो इसकी किस्मत अच्छी थी, कि यह बच गया, अब देखना है, कि यह जिला कृषि अधिकारी और सचिव से बच पाता है, कि नहीं? यह उस विभाग के मंत्री के अधिकारी का सच है, जो जिले के प्रभारी भी है।
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