बस्ती। अगर एक आम व्यक्ति इस लिए आत्महत्या करने का मन बनाता है, कि उसे न्याय नहीं मिलता, तो यह किसी भी सरकार के लिए सोचनीय वाली बात हैं, षासन और प्रषासन को भी यह सोवना होगा, कि आखिर क्यों कोई न्याय मिलने की स्थित में आत्महत्या करने का मन बनाता है। जिस आए दिन न्याय न मिलने को लेकर आत्महत्या करने की खबरें आ रही है, वह पूरे समाज को विचलित करने जैसा होता है। ऐसा ही एक और मामला रुधौली विकासखंड की ग्राम पंचायत मुड़ाडीहा उर्फ भोपालपुर का सामने आया। प्रधान अखिलेष के पिता एवं कोटेदार अवधेश यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। यह वही कोटेदार है, जिसे रुधौली तहसील में महिलाओं ने इस लिए दौड़ा-दौड़ा मारा था, कि इसने महिलाओं के साथ छेड़छानी किया था। गांव के युवक प्रवीण कुमार ने कोटेदार पर अपने बच्चों के साथ मारपीट करने, धमकी देने तथा पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बस्ती से शिकायत कर अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
प्रवीण कुमार का आरोप है कि गांव में भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जांच में अनियमितताएं सामने आईं और सचिव रंजना चौधरी को निलंबित कर किया गया। इसी कार्रवाई को लेकर बेटे प्रधान का कामकाज देखने वाले कोटेदार अवधेश यादव उनसे नाराज चल रहे थे। पीड़ित के मुताबिक, इसी रंजिश में जब वह अपने बच्चों के साथ मेला देखकर घर लौट रहा था, तभी रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि बच्चों को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। आरोप है कि हनुमानगंज चौकी प्रभारी से शिकायत करने पर उसे यह जवाब दिया गया कि जब तुमने किसी को मारा है तो लोग तुम्हें भी मारेंगे। जबकि प्रवीण का दावा है कि उसने केवल अपने बचाव में विरोध किया था। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उसी के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर दिया। मामले में चौकी प्रभारी पर प्रधान प्रतिनिधि और कोटेदार को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने यह भी दावा किया है कि भ्रष्टाचार की शिकायत वापस लेने को लेकर उस पर दबाव बनाया जा रहा था। इस संबंध में कथित बातचीत का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जाता है कि प्रधान प्रतिनिधि और कोटेदार अवधेश यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि पूर्व में भी छेड़खानी के विवाद को लेकर तहसील परिसर में मारपीट हुई थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि इन पुराने आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे पहले भी उसने कई बार प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ शिकायतें की थीं, लेकिन बाद में आपसी सुलह हो गई थी। गौरतलब है कि इसी चौकी क्षेत्र में पूर्व में एक सिपाही पर दलित युवक की पिटाई का आरोप लगा था, जिसके बाद संबंधित सिपाही के निलंबन की कार्रवाई हुई थी। फिलहाल मारपीट के मुकदमे और लगाए गए आरोपों को लेकर गांव में चर्चा तेज है। आत्मसम्मान और न्याय की लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे प्रवीण कुमार ने मीडिया के सामने न्याय नहीं मिलने की स्थिति में आत्महत्या करने तक की बात कही है। मामला गंभीर होने के चलते अब सबकी निगाहें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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