हर एक चुनाव में घुसपैठ, घुसपैठ का अलख जगाने वाले, चीन की घुसपैठ को रोको,दो जवाब
सत्ता के लिए देश की एकता अखंडता सहित लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया
ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर: देश को आजाद कराने के लिए बैरिस्टर मोहन दास कर्म चंद गांधी ने अपने सूट बूथ को त्याग कर लगौठी में आ गए। और जीवन पर्यन्त लंगोटी में आर एस एस के सिरफिरे ने हत्या कर दी गई। आज उसी सोच ने देश की एकता,अखंडता,भाई चारा,सद्भाव को उस समय तार तार कर दिया जब युवाओं के प्रदर्शन को कुचलने के लिए तानाशाही दिखाते हुए पुलिस और देश की सीमा पर लगी होने वाली फौज को उतर दिया। संविधान में दिए मौलिक अधिकार पर तानाशाही के साथ महिलाओं के साथ अभद्रता की गई। यूं तो मणि पुर में महिलाओं को नग्न घुमाया गया। दिल्ली,हाथरस,मेरठ की घटनाओं ने अपना इतिहास बनाया।
देश की सीमा पर लगी फौज दिल्ली बुलाई,चीन भारत में घुसा=
लोकसभा का चुनाव हो या राज्यों में विधान सभा के चुनावों में सत्ता देश में घुसपैठ का अलख जगाती रही। जबकि देश के ग्रह मंत्री ने युवाओं के प्रदर्शन को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस को लगाया। वहीं देश की सीमा पर लगी फौज को युवाओं के प्रदर्शन पर लगा दिया और चीन की सेना ने भारत की सीमा में घुसपैठ कर लिया। सत्ता में बने रहने के लिए जनता के अधिकार वोट को चोरी कर लिया। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता जो अमित शाह के कॉपरेटिव मंत्रालय में सचिव थे उन्होंने अपनी वफादारी दिखाकर लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया।
लोकतंत्र में चुनाव बने मजाक=
देश में राज्य की विभिन्न भाषा, जाति,धर्म,खाना पीना बदलने के बाबजूद सद्भाव भाई, भाई चारे का देश है। अब एक दूसरे के पर्वों में शामिल होकर सद्भाव के साथ मनाते है। देश की आजादी के 70 साल में हिंदू खतरे में नहीं था। अब भाजपा की सरकार में योगी मोदी की सत्ता नहीं रहेंगी तो हिन्दू खतरे में होगा। लोकतांत्रिक देश में कितना बड़ा मजाक बना दिया। सत्ता के लिए देश की एकता,अखंडता को खतरे में डाल दिया जातिगत द्वेष के साथ अंधभक्त बना दिए जिन्हें देश नहीं सत्ता जरूरी हो गई। जिम्मेदार कोई और नहीं देश में मनुवादी सोच है।
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