बस्ती। पहले रंगबाज तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि अगर मैं आत्महत्या करुंगा तो एसओ सोनहा महेष सिंह कें कारण करुंगा, क्यों कि इन्होंने इन्होंने इतना परेशान कर रखा है, कि मैं खुद आत्महत्या कर लूंगा। फिर पोस्ट किया कि सोनहा पुलिस मुझे अपराधी बनाना चाहती है, चेतावनी के लहले में कहा कि मुझे अपराधी बनने पर मजबूर न करे, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा। कल रात्रि में एक प्रभात भट नामक व्यक्ति से शराब पीने के लिए पैसा मांग रहे थे। नही दिया तो मारे पीटे, सिर, पैर में चोट आई है, मुकदमा लिखा गया है। 26. सितंबर 26 को शराब पीकर डिजायर गाड़ी लापरवाही पूर्वक चलाकर दुकान में घुसा दिए थे, दो आदमी की मृत्यु हो गई थी। मुकदमा लिखा है, आरोप पत्र प्रेशित किया गया है। माह अप्रैल में अपने साथियों के साथ मार पीट किये थे मुकदमा लिखा है, गुंडा एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही भी हुई है, नोटिस भी गुंडा एक्ट की तामील हो गई है। मनबढ़, गुंडा प्रवृत्ति का व्यक्ति है। वर्ष 2024 में भी मारपीट का मुकदमा लिखा गया है। सवाल उठ रहा है, कि जो व्यक्ति पहले से अपराधी बना हो, उसे कैसे पुलिस अपराधी बनने पर मजबूर कर सकती है। इससे पहले रुधौली क्षेत्र के प्रवीन कुमार ने भी इसी तरह का पत्र लिखा था, कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगा, बाद में चला कि इसके उपर आधा दर्जन से अधिक गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज है।