बस्ती टिनिच चौकी इंचार्ज वीरेंद्र कुमार कुंवर पर बुजुर्ग की पिटाई का गंभीर मामला सामने आया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह से मिलकर अपनी आपबीती बताई। दरोगा द्वारा बुजुर्ग की पिटाई के मामले को एसपी ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई की बात कही है।
पूरा मामला जिले के गौर थाना क्षेत्र के चौकी प्रभारी टिनिच वीरेंद्र कुमार कुंवर से जुड़ा हुआ है। चौकी क्षेत्र के घुरहूपुर गांव निवासी 65 वर्षीय हंसराज अपने गाटा संख्या 706 में बने मकान पर छत का निर्माण करवा रहे थे। उनकी पड़ोसी जनक दुलारी जो गाटा संख्या 705 और 707 पर न्यायालय से स्टे ली हुई है। उन्होंने निर्माण कार्य में अवरोध पैदा करते हुए पुलिस से काम रोकने की शिकायत की। इसके बाद चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और हंसराज सहित उनके परिवार के तीन लोगों को चौकी पर ले आए। हंसराज ने बताया कि उन्होंने जमीन से जुड़ा सभी अभिलेख चौकी प्रभारी को दिखाया। जिसमें स्पष्ट है कि जनक दुलारी द्वारा 705 और 707 गाटा संख्या पर स्टे लिया गया है। 706 पर कोई स्टे नहीं है। बावजूद इसके चौकी प्रभारी द्वारा काम रुकवा दिया गया। जब पीड़ित ने उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और चौकी पर उसकी पिटाई कर दी। चौकी प्रभारी यही नहीं माने उन्होंने शांति भंग में हंसराज सहित तीन लोगों का चालान किया। इसके बाद उप जिलाधिकारी भानपुर सत्येंद्र सिंह द्वारा तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। हंसराज पुलिस से लेकर प्रशासन के अधिकारियों के सामने गुहार लगाते रहे। अपने सभी अभिलेख दिखाते रहे। लेकिन किसी ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। चौकी प्रभारी वीरेंद्र कुमार कुंवर द्वारा चौकी के भीतर गाली गलौज करने और पिटाई करने की शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक से की है। जिसमें अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई की बात कही जा रही है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब न्यायालय द्वारा हंसराज के गाटा संख्या 706 को लेकर कोई इसके आर्डर नहीं जारी किया गया है, तो आखिर पुलिस और प्रशासन ने किस नियम के तहत उनका निर्माण कार्य रोकते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है।