बस्ती। बार-बार कहा जा रहा है, कि अगर उमेश गोस्वामी और गंगाराम यादव जैसा दो चार और लड़ाकू शिकायतकर्त्ता मिल जाए, तो भ्रष्टाचारियों के छक्के छुड़ा दें। उमेश गोस्वामी जैसा बहुत कम ऐसे शिकायतकर्त्ता होते हैं, जो शिकायत दर्ज कराने के लिए अपने खर्चे से लखनऊ तक पहुंच जाए। कोई भी शिकायतकतर्ता तभी लखनऊ और गोरखपुर जाता, जब उसकी जिले स्तर पर नहीं सुनी जाती। अगर स्थानीय स्तर पर समस्या का हल हो जाए तो क्यों वह लखनऊ और गोरखपुर योगीजी के जनता दरबार में जाएगा। इसे स्थानीय अधिकारियों की असफलता माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग और बीडीए के खिलाफ निरंतर आवाज उठाने वाले कुदरहा के उमेश गोस्वामी की जब डीएम और सीएमओ ने नहीें सुनी तो वह डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री बृजेष पाठक के पास फरियाद लेकर पहुंच गया। कहा कि मंत्रीजी उनके क्षेत्र में अवैध रुप से संचालित सिटी और भारत अल्टासाउंड को इसके नोडल डिप्टी सीएमओ डा. एके चौधरी पैसा लेकर संरक्षण दे रहे है। कहा कि सिटी सेंटर के मालिक शाह आलम तो पेट में मरे हुए बच्चे को नार्मल बताकर कई बार अल्टासाउंड किया, इसकी शिकायत डीएम और सीएमओ से की गई, लेकिन डीएम और सीएमओ ने सबसे भ्रष्ट डिप्टी सीएमओ डा. एके चौधरी को जांच दे दिया। यह जांच करने तो गए, लेकिन मोटी रकम लेकर वापस आ गए। कहा कि साहब इसकी जांच षासन स्तर से करवाई जाए। कहा कि लालगंज कुदरहा मार्ग पर स्थित भारत अल्टासाउंड सेंटर जिसका मालिक मोहम्मद दानिश है, कहा कि यह सेंटर दो बार सील हुआ, इसके बाद डा. एके चौधरी के कहने पर सील तोड़कर मशीन को बाहर निकाल लिया। जबकि दोनों बार मजिस्टेट ने सील किया था। खास बात यह है, कि जो सेंटर दो बार सील हो चुका है, उसे भ्रष्ट डिप्टी सीएमओ नाम बदलकर पुनः नये नाम से पंजीकरण कर रहे है। इसकी षिकायत डीएम से 27 जून 26 को की गई, लेकिन डीएम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि षाह आलम और मोहम्मद दानिश का हौसला डिप्टी सीएमओ के चलते बढ़ा है। कहा कि इसकी उच्च स्तरीय टीम बनाकर जांच की जाए और डा. एके चौधरी एवं दोनों सेंटर के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।