लखनऊ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य पद को लेकर चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यंत सम्मानित और मर्यादित होता है, इसे कोई भी व्यक्ति अपने नाम के साथ नहीं जोड़ सकता। मर्यादाओं और नियमों का पालन सभी को करना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि कानून किसी के लिए अलग नहीं होता और न ही किसी को नियमों के उल्लंघन की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में शंकराचार्य पर लाठीचार्ज क्यों कराया गया था।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि पद और परंपरा का सम्मान जरूरी है, लेकिन कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जा सकता। बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
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