बस्ती। लोग 112 की पुलिस को इस लिए बुलाता है, ताकि विवाद को शांत किया जा सके, लेकिन यहां पर 112 की पुलिस के सामने हत्या हो गई, और पुलिस देखती रही, मृतक के भाई राजेश सिंह ने पुलिस से पूछा भी कि साहब आप के सामने कैसे उसके भाई की हत्या हो गई? पुलिस कोई जबाव नहीं दे पाई, और यह कहकर चली गई, कि जा रहा हूं थाने से पुलिस बुलाने क्यों कि झगड़ा करने वाले पीए हुए है। पुलिस को तहरीर भी दी गई, एसओ और सीओ हर्रैया ने स्थलीय निरीक्षण भी लिया, और मृतक के भाई से कहा भी न्याय मिलेगा, न्याय मिलने को कौन कहे, अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुआ, और जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगा, तब तक पीड़ित परिवार को न तो न्याय मिलेगा और न हत्या करने वाले को सजा ही होगी। सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह है, कि 112 पुलिस के सामने हत्या हो गई, और 112 हत्या होने से बचा नहीं सकी। मृतक के भाई का कहना है, कि जैसे ही पूर्व मंत्री राजकिषोर सिंह तो जब इस घटना का पता चला तो रात में ही पीएम हाउस पहुच गए। पुजिस पंचनामा न करके सीधे पीएम कराना चाहती थी, और परिवार वाले पहले पंचनामा करवाना चाहते थे, बाद में पुलिस को पंचनामा करना पड़ा। भाई ने एसओ से मुकदमा लिखने को कहा भी लेकिन एसओ ने कहा कि जल्दी क्या है, दर्ज हो जाएगा, इतनी जल्दी मुकदमा दर्ज नहीं होता, जो पुलिस पीड़ित परिवार को न्याय देने की बात कह रही थी, अबवह कह रही है, कि जल्दी क्या है?
राजेश कुमार सिंह की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया वह जीवधरपुर थारना हर्रैया का निवासी है, गांव के सुमित सिंह उर्फ मोनू पुत्र अवधबिहारी सिंह से जमीनी विवाद चल रहा हैं, जिसके चलते सुमित का परिवार रंजिश रखता है। उसी को लेकर 13 जुलाई 26 को करीब आठ बजे रात्रि में पिता पुत्र अपने-अपने हाथ में लाडी और डंडा लेकर दरवाजे पर चढ़ आए, और बड़े भाई मृतक शिवकुमार ने गाली देने से जब मना किया तो इसी बीच भतीजा सनी सिंह पुत्र विनोद कुमार सिंह घर के अंदर से बाहर आए तो देखा कि पिता-पुत्र ललकारते हुए कह रहे थे, कि आज साले को जान से मार दो। दरवाजे पर चढ़ आए, और मृतक को घसीटते हुए घर के सामने बने नाद के पास रखे टायर पर ले जाकर जान से मारने की नीयत से गला पकड़कर तेजी से धक्का देते हुए गिरा दिए, जिससे वह बेहोश हो गए, सीएचसी ले जाया गया, जहां पर डाक्टर्स ने भाई को मृत घोषित कर दिया।
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