बनकटी/बस्ती। अपर निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. राज कुमार सिंह ने मंगलवार को वृहद गो आश्रय स्थल सिरौता और पशु चिकित्सालय बनकटी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गो आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिरौता गो आश्रय स्थल में बेतरतीब ढंग से रखी गोबर की खाद को लेकर अपर निदेशक ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि खाद को जल्द व्यवस्थित किया जाए। आवश्यक मात्रा में गोबर की खाद को आश्रय स्थल से सटी चारागाह की भूमि पर डालने तथा शेष खाद की नीलामी कराने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने गोवंश के खान-पान और चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

अपर निदेशक ने चारा काटने वाली मशीन को अधिक ऊंचाई पर स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि हरे चारे की कुट्टी आसानी से काटकर गोवंश को उपलब्ध कराई जा सके। भारी बारिश के कारण आश्रय स्थल में जलभराव की समस्या का भी उन्होंने निरीक्षण किया। समस्या के स्थायी समाधान के लिए खंड विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पशु चिकित्सालय बनकटी का निरीक्षण किया। यहां अभिलेखों, वैक्सीन और दवाओं के रखरखाव की स्थिति देखी तथा परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। पशुधन प्रसार अधिकारी सुशील कुमार और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास श्रीवास्तव को भारत पशुधन ऐप पोर्टल पर फीडिंग बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया। यह वही सिरौता गो आश्रय स्थन हैं, जहां पर अव्यवस्था के चलते मरे हुए गौ माता के षरीर को कुत्ते नोंच रहे थे। निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक ने स्पष्ट किया कि गो आश्रय स्थलों और पशु चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि गोवंश को समय से चारा, उपचार और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। जब तक सरकार गौ आश्रय स्थल पर बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगी, तब तक स्थित में समुचित सुधार नहीं होगा।