बस्ती। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य ’देवेन्द्र प्रताप सिंह’ ने बस्ती चीनी मिल की नीलामी में हुए बड़े घोटाले को लेकर योगीजी पर हमला बोला है, और पूछा कि इतने बड़े घोटाले पर आप चुप क्यों? बहरहाल इन्होंने मण्डलायुक्त बस्ती को कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 300 करोड़ की सरकारी संपत्ति को मात्र 41 करोड़ में कौड़ियों के भाव नीलाम कर दिया गया और अब 15 दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन रिपोर्ट दबाए बैठा है। श्रीसिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी आयुक्त को सात बिन्दुओं पर साक्ष्य सहित आख्या सात दिन में मांगी थी। उसी दिन आयुक्त ने जिलाधिकारी बस्ती को भी तत्काल रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। लेकिन आदेश के 15 दिन बाद भी न तो आयुक्त को रिपोर्ट भेजी गई और न ही उन्हें अवगत कराया गया।
’पत्र में उठाए गए प्रमुख बिंदु’
1. ’घोटाला’ 300 करोड़ की संपत्ति 41 करोड़ में नीलाम कर सरकारी खजाने को 259 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत स्पष्ट है।
2. ’प्रशासनिक लापरवाहीरू’ मामले को जानबूझकर जिला गन्ना अधिकारी को भेजकर दबाने की कोशिश की गई, जबकि गन्ना अधिकारी ने भी लिखा कि यह प्रकरण उनके स्तर का नहीं है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
3. ’किसान-मजदूर बेहाल’ वर्षों से लम्बित मजदूरों-किसानों के बकाये का भुगतान नहीं हुआ। हजारों परिवार रोजी-रोटी के लिए तरस रहे हैं।
’एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह की मांगें’
1. आदेशों की अवहेलना करने वाले दोषी अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
2. विशेष टीम गठित कर 7 बिंदुओं पर 3 दिन के अंदर बिन्दुवार रिपोर्ट दी जाए ताकि इसे विधान परिषद में उठाया जा सके।
3. 41 करोड़ के व्यय, नीलामी में भाग लेने वाली फर्मों, मूल्यांकन रिपोर्ट एवं अधिकारियों की भूमिका की सतर्कता जांच कराई जाए।
4. किसानों-मजदूरों के वर्षों से लम्बित बकाये का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
5. नीलामी में मशीनरी, स्क्रैप, भवन, दरवाजे आदि क्या-क्या शामिल थे और उठान की समय सीमा क्या थी, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। श्री सिंह ने कहा कि ’यह प्रकरण अत्यंत संवेदनशील है और किसान हितों से सीधे जुड़ा है। प्रशासन की यह लापरवाही महाघोटाले को दबाने की साजिश है। यदि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो मैं इस मुद्दे को सदन में पुरजोर तरीके से उठाऊंगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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