बस्ती। वाल्टरगंज चीनी मिल के धरनारत मौसमी कर्मचारियों के धरने व मांग का विस्तृत मांगपत्र आज चंद्रेश प्रताप सिंह व विकास सिंह ने सदस्य विधान परिषद, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर-अयोध्या देवेन्द्र प्रताप सिंह को सौंपा और तत्काल कार्रवाई हेतु मार्मिक अपील की।
’क्या है मामला’

वाल्टरगंज चीनी मिल के मौसमी-नियमित कर्मचारी वर्ष 2018 से बकाया वेतन, रिटेनर, बोनस, ग्रेच्युटी के भुगतान तथा मिल को पुनः चलाने की मांग को लेकर 300 से अधिक दिन से मिल गेट पर धरना दे रहे हैं। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी कर्मचारियों का आंदोलन जारी है।
’एमएलसी को सौंपा ज्ञापन’
कर्मचारी संघर्ष समिति की ओर से चंद्रेश प्रताप सिंह व विकास सिंह ने एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। बताया गया कि वर्ष 2018 में बिना सूचना के गैर कानूनी रूप से मिल बंद कर दी गई। बकाया भुगतान न होने से कर्मचारी परिवार भुखमरी की कगार पर हैं।
’प्रमुख मांगें’
1. वर्ष 2018 से बकाया समस्त वेतन, रिटेनर, बोनस, ग्रेच्युटी का ब्याज सहित तत्काल भुगतान।
2. गैर कानूनी रूप से मिल बंद करने वाले प्रबंधन तंत्र पर कठोर कार्रवाई।
3. बीआरएस प्रक्रिया पूरी कर पेराई सत्र 2026-27 से मिल संचालन शुरू कराया जाए।
4. किसानों के वर्ष 2018 के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो।
’एमएलसी का आश्वासन’
देवेन्द्र प्रताप सिंह ने मांगपत्र लेने के बाद कहा कि कर्मचारियों का दर्द जायज है। वे इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाएंगे और मुख्यमंत्री एवं गन्ना मंत्री से मिलकर शीघ्र समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
’अपील’
चंद्रेश प्रताप सिंह ने कहा कि 300 दिन से शांतिपूर्ण धरना चल रहा है, पर प्रशासन बेखबर है। यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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