बस्ती। आप लोगों ने अभी तक कृषि विभाग में एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचारी अधिकारी और कर्मचारियों को देखा और सुना होगा, लेकिन भ्रष्टाचारी के साथ रीलबाज अधिकारी पहली बार सुनने और देखने जा रहें है। अब जरा अंदाजा लगाइए कि कृषि विभाग का मंडल स्तर का संयुक्त निदेशक कृषि, अधिकारी राम वचन राम अगर कार्यालय, सरकारी कार्यक्रमों और निरीक्षण करने जाते समय सरकारी कार में अष्लील और फूहड़ गाना गाते हुए रील बनाकर उसे वायरल करते हैं, तो समझ सकते हैं, कि इनकी रुचि सरकारी कार्यो में कितना होगा, जो अधिकारी लगभग 4500 रील बना चुका हो, और जिसके दुनिया भर में लगभग एक हजार फालोवर हो, वह अधिकारी किसानों की समस्याएं और योजनाओं के संचालन किस तरह करते होगें, इसे आसानी से समझा जा सकता है। जो जेडीए डबल मीनिंग का भोजपुरी गाना गाकर सर्वाजनिक रुप से और खुले आम रील बनाता हो, क्या वह एक मिनट भी नौकरी में रहने लायक है। जो भी किसान, अधिकारी और कर्मचारी बड़े साहब के पास किसी काम को लेकर जाते हैं, तो कहते हैं, कि काम तो होता रहता, पहले मेरा गाना सुनिए, फिर सबके सामने गाना गाते हुए रील बनाने को कहते और उसके बाद काम की बाते करते। जो अधिकारी यह फूहड़ भोजपुरी गाना, ‘बोला ए करेजा, प्राण लेबू का, जान लेबू का’ गाना गाता हो, और उसका रील बना कर वायरल करता हैं, तो ऐसे अधिकारी का स्तर आसानी से जाना जा सकता है। खासबात यह है, कि इनकी देखा देखी कार्यालय के वपरासी और सफाई कर्मी से लेकर बाबू तक अपने साहब के नक्षेकदम पर चलकर रील बनाते हैं, और उसे वायरल करते है। लगभग पूरा कार्यालय साहब के चलते रीलबाज हो गया है। इन साहब का अधिकांश समय रील बनाने में चला जाता है, उसके बाद जो समय बचता है, वह भ्रष्टाचार करने में बीताते है। इसी लिए कोई इन्हें रंगबाज कहता तो कोई इन्हें रीलबाज कहता तो कोई इन्हें भ्रष्टाचारी कहता। साहब ऐसे-ऐसे फूहड़ और अष्लील गाना गाकर रील बनाते हैं, जिसे देख इनकी पत्नी को भी शर्म आ जाती होगी, बच्चे तो शर्म के मारे डूब जाते होगें। इन्होंने सबसे अधिक रील कार्यालय में बैठकर गाना गाते समय बनाया, कार में जाते समय भी इनकी कई रील वायरल हुआ। फेसबुक पर यह दुनिया भर में छाए रहते है। इससे पहले जब इनकी तैनाती बस्ती में उप निदेशक कृषि रक्षा के रुप में रही तो तब भी यह रील बनाते थे, कहने का मतलब इन्हें न तो अपनी और परिवार के इज्जत का ख्याल है, और न ओहदे की ंिचता है। एक तरह से जेडीए ने अपना और विभाग का बेड़ागर्द कर दिया। प्रदेश के यह पहले मंडलीय अधिकारी होगें, जो अष्लील और फूहड़ खाना गाकर उसका रील बनाते हैं, और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी करते है।।विभाग के अधिकारियों और मंत्री को इसे त्वरित संज्ञान में लेकर जेडीए के खिलाफ विभाग और सरकार की किरकीरी करने के आरोप में कार्रवाई करना चाहिए।
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