बस्ती। रत्नाकर गैस एजेंसी के रत्नाकर धूसिया ने दक्षिण दरवाजा स्थित नूर हास्पिटल के ‘शारिक’ पर गंभीर आरोप लगाते हुए, दक्षिण दरवाजा पुलिस चौकी पर विधिक कार्रवाई करने के लिए लिखा है। पत्र में लिखा है, कि नौ मई 26 को रात आठ बजे भारत हार्डवेअर के निकट नूर हास्पिटल के शारिक के द्वारा नकदी गिनती एवं होम डिलीवरी पर्ची मिलान के समय अपने पुत्र और आठ लोगों के साथ अचानक से जबरदस्ती एजेंसी का शटर खोलकर गैा एजेंसी में अनाधिकृत रुप से प्रवेश किया, कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं अष्लील शब्दों का इस्तेमाल किया, और गाली गलौच भी किया। हाथापाई पर अमादा हो गए। किसी तरह से लोगों को एजेंसी से बाहर किया गया। लिखा कि इसके बाद 10 मई 26 को फिर यह लोग वही हरकत किए, जो नौ मई को किया था। लिखा कि ऐसे स्थित में एजेंसी के कर्मचारियों के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। क्यों कि बार-बार इन लोगों के द्वारा जो कृत्य किया जा रहा है, उसके चलते कर्मचारी डरे हुए हैं, और गैस के वितरण में उसका प्रभाव पड़ रहा है। अभी तक तो इस तरह की घटनाएं पेटोल पंप और सीएनजी पंप में ही होने के समाचार आ रहे है। यह सही है, कि गैस के लिए लोग घंटों लाइन लगाए रहते है। ऐसे में अगर गैस का वितरण ठीक से न हुआ तो बवाल मचना तय है। गैस एजेसी के संचालकों का यह बात अच्छी तरह समझना होगा कि वह समूह को नहीं रोक सकते है। इस लिए इस बात का ध्यान रखना होगा, कि एजेंसी में गैस वितरण में पारदर्शित होनी चाहिए, अगर उपभोक्ताओं को वितरण में कहीं अनियमितता लगा तो फिर संभाल पाना मुस्किल होगा।