बस्ती। दो दिन पहले 68 लाख की ठगी के आरोप में रेड स्टार अस्पताल के मालिक षैलेंद्र कुमार उर्फ राणा और एसबीजी के मालिक प्रमेंद्र कुमार एवं इनकी पत्नी रिंकी निवासी मलिक पुरवा, केसरी प्रसाद और एसबीजी ग्लोबल कंपनी के फाउंडर अनिल यादव के खिलाफ कोतवाली में पीड़ित अविनाश चौधरी पुत्र स्व. विधा सागर चौधरी ने केस दर्ज कराया है।

आज पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने एसबीजी ग्लोबल कंपनी के फाउंडर अनिल यादव के खिलाफ अरबों की ठगी कर परिवार सहित दुबई भाग जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। इन्होंने ठगबाज अनिल यादव का बीजा और पासपोर्ट निरस्त करने के साथ इसे दुबई से भारत वापस लाने की मांग की है। यह एफआईआर मुख्यमंत्री के निर्देश पर दर्ज की गई। पहले चारगुना मुनाफा का लालच देकर करोड़ों की ठगी किया अब दो गुना का लालच देकर अरबों ठग लिया। मीडिया बार-बार एसे ठगबाजों से सावधान रहने की अपील कर रही हैं, फिर भी लालच में आकर लोग ठगी का शिकार होते जा रहे है। जो लोग ठगी का शिकार हुए उनमें अधिकांश लोगों ने दोगुना के लालच में जेवर गहना बेचा, जमीन गिरवी रखा।

पूर्व विधायक के द्वारा लिखाए गए एफआईआर में कहा गया है, कि अनिल कुमार यादव पुत्र ओमप्रकाश यादव निवासी निकट ब्रहृमकुंड मां वैष्णों मैरेज हाल आजमगढ़ ने दुबई में एक कंपनी का पंजीकरण कराया, उसमें बेईमानी की नीयत से इसने बस्

ती सहित अन्य जनपदों के हजारों लोगों का अरबों रुपया लेकर परिवार सहित दुबई भाग गया। इसने अपने स्वामित्व में नेटवर्किगं कंपनी खोला। अरबों रुपया लिया और उसे डालर में निवेश कराया। कहा कि मिथ्या साक्ष्य के गढ़कर एस ब्लॉक चेन एग्रो. टेक प्रा.लि. कंपनी खोला, जिसका पता 94डी चिनहट दिया। जमीन खरीदकर बेचने और एक साल में दोगुना का लालच दिया। इसने एसबीजी ग्लोबल स्टेकिगं प्लेटफार्म व एमएमआईटी स्केटिगं प्लेटफार्म पर एसबीजी ग्लोबल कामर्सिएल  48 गेट टावर दुबई के जरिए देश और विदेशो में विदेशी मुद्रा बाजार आदि जगहों पर नेटवर्किंगं के जरिए बेईमानी और कपट करने के नीयत से लोगों को एसबीजी रिवार्ड में डालर के रुप में पैसा निवेष कराकर 20 माह के भीतर तीन गुना किए जाने का लालच दिया। अनिल यादव और उसके एजेंट के द्वारा यह विष्वास दिलाया जाता था, कि अगर रुपया डूब गया तो उसके बदले जमीन दी जाएगी। इसके लिए यह निवेशकों के साथ फर्जी एग्रीमेंट भी करता था। बाद में कहा कि कंपनी डूब गई, लेकिन लखनऊ और देश के विभिन्न हिस्सों में कंपनी के नाम जमीन है। जिसे बेचकर पैसा वापस करने का वादा किया। अनिल के द्वारा अलग-अलग प्लेटफार्म बनाकर नई-नई पालिसी के जरिए रुपया जमा करवाता था, बाद में कंपनी के डूब जाने की अफवाह फैला कर दूसरे प्लेटफार्म पर फिर नई कंपनी खोल लेता और निवेशकों को बरगलाकर पैसा जमा करवाता। कहा कि वर्तमान में पुनः एक नई कंपनी सम्मिट स्केटिगं प्लेटफार्म में छल करने की नीयत से देश की भोलीभाली जनता को भ्रमित कर निवेश कराने का कार्य कर रहा है। कहा कि अनिल के एजेंटों के द्वारा जूम एप्प के माध्यम से लगातार निवेश करवा रहा है। कहा कि निवेषकों को पुराना पैसा/निवेश निकालने के लिए इसने नये प्लेटफार्म पर मजबूरी में इस शर्त पर समझौता करना पड़ रहा है, कि उनका पुराना पैसा किसी प्रकार निकल आए। कहा कि निवेशकों का पैसा वापस न करना पड़े, इसके लिए यह पूरे परिवार के साथ दुबई भाग गया। वहां पर यह जनता के पैसे से अयासी कर रहा है। आप सभी लोग याद रखिए इस तरह की ठगी को सिर्फ और सिर्फ आप लोग ही समाप्त कर सकते है। लोग इस लिए भी सामने नहीं आते, क्यों कि उनका जो पैसा लगा रहता है, वह बिना हिसाब-किताब का रहता है। इसी का फायदा बस्ती के कई ठगबाज उठा भी रहें है। पहली बात दोगुना-तीन गुना और चारगुना फायदे में मत पड़िए क्यों कि दुनिया में कोई भी ऐसा कारोबार नहीं जो इतनी जल्दी इतना गुना मुनाफा कमा सके।