बस्ती। टीबी से होने वाले मृत्यु को कम करने और टीबी से नये व्यक्तियों को संक्रमित न होने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए जनपद में 100 दिवसीय टीबी अभियान 24 मार्च 2026 से चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य हाईरिस्क गांव को चिन्हित करते हुए आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन करके आम जनमानस का हैण्डहेल्ड एक्सरे मशीन के माध्यम से एक्स-रे कराते हुए शिविर में आये समस्त व्यक्तियों का एक्स-रे, एचआईवी जांच, हीमोग्लोबीन, मधुमेह तथा ब्लड प्रेशर का जांच करते हुए बीएमआई कलकुलेट करके अलक्षणिक व्यक्तियों के एक्स-रे के फाइंडिंग के आधार पर नॉट आदि जांच कराते हुए अधिक से अधिक छिपे हुए क्षय रोगियों को खोजकर इलाज पर लाना है। तत्क्रम में आज दिनांक 13 मई 26 को कप्तानगंज ब्लाक में प्राथमिक विद्यालय पिलखांव में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारम्भ विधायक, कप्तानगंज कवीन्द्र चौधरी द्वारा फीता काटकर किया गया। विधायक द्वारा अभियान में अब तक की उपलब्धि पर समीक्षा की गयी तथा एचआईवी जांच, हीमोग्लोबीन, मधुमेह, ब्लड प्रेशर व बीएमआई के साथ साथ हैण्ड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से किये जा रहे एक्स-रे जांच की जानकारी लेते हुए शिविर की सराहना की गयी।

इसी क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी बस्ती की अध्यक्षता में जनपद सिद्धार्थनगर के समाजसेवी देवेश मणि त्रिपाठी द्वारा जनपद बस्ती के 600 क्षय रोगियों को गोद लिया गया तथा उनमें से 100 क्षय रोगियों को ए0एन0एम0 टेªनिंग सेन्टर बस्ती में पोषण पोटली वितरित किया गया। उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में राज्य स्तर से भ्रमण हेतु आयी टीम के अधिकारी रजनीकान्त पाण्डेय तथा रीतू पाटिल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला पीपीएम समन्वयक, डी0पी0टी0सी0, एसटीएसएसटीएलएस आदि उपस्थित रहे। जनपद में 12 मई 2026 तक 24050 व्यक्तियों का एक्स-रे करते हुए अन्य स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की गयीं। हैण्डहेल्ड एक्सरे मशीन ।प् के माध्यम से दो से पांच मिनट में रिपोर्ट उपलब्ध करा देता हैै जिससे यह पता चलता है कि मरीज का एक्स-रे सामान्य है अथवा असामान्य। जनपद में अभियान के अन्तर्गत कुल 7995 लोगों का सैम्पल इकट्ठा करते हुए नॉट जांच कराया गया है। जनपद में अभियान के अन्तर्गत सरकारी तथा निजी क्षेत्र में कुल 1039 मरीजों को खोजा गया है जिनके घर के सदस्यों में टीबी के लक्षणों की स्क्रीनिंग करते हुए यदि घर के सदस्य में टीबी की बीमारी पायी जाती है तो टीबी की दवा चलायी जाती है तथा यदि टीबी की बीमारी नहीं पायी गयी तो घर के सभी सदस्यों को टीबी प्रिवेन्टिव ट्रीटमेन्ट पर रखा जा रहा है। जनपद में कुल 18 ट्रूनॉट मशीन तथा 03 सीबीनॉट मशीन है। जनपद के हर ब्लाक में नॉट जांच की सुविधा उपलब्ध हो गया है जिसके माध्यम से क्षय रोगियों के ड्रग सेन्सिटिविटी तथा ड्रग रजिस्टेन्स के बारे में तुरन्त पता चल जाता है एवं सम्बंधित टीबी उपचार पर रखते हुए निगरानी की जा रही है।