बस्ती। आज भी अंधभक्तों की कमी नहीं है, अगर इंसान से अधिक ढ़ोगी बाबाओं पर भरोसा करने लगेंगे तो सबकुछ लुट जाएगा। आप लोगों को भी पढ़की हैरानी हो रही होगी, कि आत भी ऐसे लोग हैं, जो अपने से अधिक बाबाओं पर भरोसा करते है। ढ़ोगी बाबाओं के बारे में जानने के बाद भी अगर परिवार विष्वास करता है, उस परिवार को क्या कहेगें? सोनहा थाना क्षेत्र के ग्राम करायन में गांेडा जनपद के दो तांत्रिक प्रेम कुमार उर्फ फोलई और प्रदीप अग्रहरि नामक दो तांत्रिक मालती देवी पत्नी दीपनरायन के घर 15 जून 2026 को समय करीब 10 बजे दिन में आए। दोनों ने पूजा पाठ करने के लिए लड़के के सोने चाँदी का जेवर व अपना मंगल सूत्र मागां। महिला ने जब देने से इंकार किया तो तांत्रिकों ने डरा धमका कर व पूजा पाठ तंत्र विद्या करके महिला के लडके की मृत्यु करने के लिए डराना शुरु किया। महिला तो महिला बेटे की मृत्यु को देख सोने का चौन व चाँदी का ब्रसलेट व मँगल सूत्र ले लिया, जब महिला ने जेवर मांगा तो उसके बाद बाबाओं ने तीन लाख मांगा। पुलिस ने प्रेम कुमार उर्फ फोलई पुत्र माधव निवासी टेगनहवा रम्पतडीह केशवनगर ग्रांट थाना खोडारे और प्रदीप अग्रहरी पुत्र रामचन्दर निवासी टेगनहवा पश्चिम थाना खोडारे जनपद गोण्डा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। यह घटना बताता है, कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपने वष में करना कितना आसान हैं, अगर महिला के पति घर में होते तो शायद ऐसी घटना न घटती। ढ़ांगी बाबा लोग ऐसे ही घरों को तलाषते हैं, जिसमें सिर्फ महिलाए ही हो। क्यों कि उन्हें अच्छी तरह मालूम हैं, कि महिलांए कितना परिवार के प्रति कितना संवेदनशील होती है, और अगर कहीं बेटे की जान की बात आ जाए तो कुछ भी करने को तैयार रहती है। इसी का फायदा तात्रिंक लोग उठाते है। इन लोगों को कभी भिक्षा भी नहीं देनी चाहिए। क्यों कि यह भिक्षा के बहाने घर की रेकी करते है। ढ़ोगी बाबाओं को भिक्षा न देना या भगा देना कोई पाप नहीं होता, बल्कि कई मुसीबत से बचा जा सकता है। ऐसे मौके पर महिलाओं को भी हिम्मत दिखानी होगी, और मारपीट तक कर लेनी चाहिए। अगर महिला गुहार लगा देती तो शायद ढ़ोंगी बाबा पकड़ में आ जाते।