बस्ती। बनकटी ब्लॉक के ग्राम बेहिल के गंगाराम यादव का आरोप है, कि वर्तमान डीसी मनरेगा 39 महीने से अपने खुद के किए जांच पर कारवाही न करके भ्रष्टाचार की जड़ को इतना मजबूत कर दे रहे हैं, कि भ्रष्टाचारी शिकायत करता पर ही झूठा मुकदमा दर्ज करवा दे रहे है। कहा कि शिकायत पर पहले डीएम के द्वारा गठित टीम जिसने तहसीलदार और दो अन्य जिला अस्तर के अधिकारी मनरेगा की जांच की, पर झूठा रिपोर्ट लगा दिया। यहां तक कि पुरुष मनरेगा मजदूर को महिला जांच में दिखा दिया शपथ पत्र भी जांच में मजदूरों ने दिया का झूठा रिपोर्ट लगा दिया। 2023 में गंगा राम यादव ने इसी प्रकरण को लेकर जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में आत्म दाह करने पहुंच गए तो पूरा डीएम कार्यालय परिसर में  अफरा तफरी मच गया बाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ बस्ती ने डीसी मनरेगा से जांच करवाई जांच करने डीसी मनरेगा खुद अपने लाव लश्कर के साथ गए, जांच में फर्जी जाब कार्ड बनाने की पुष्टि हुई, 100 दिन से ज्यादा एक परिवार में अलग अलग जाब कार्ड बना कर रोजगार देने की पुष्टि हुई।  26 अप्रैल 2023 को डीसी मनरेगा ने पत्रक संख्या 3210  16 अप्रैल 2023 को भेज कर बीडीओ बनकटी से दोषी सभी ग्राम सचिव ग्राम प्रधान तकनीकी सहायक रोजगार की सूची मांगी जिसमें करीब दर्जनों लोग दोषी मिले डीपीआरओ ने 2023 से अभी तक किसी पर कोई कारवाही नहीं किया कार्यालय पर शिकायत करता जाता है तो मिलते ही नहीं फोन  कारवाही हो जाएगा बोल कर काट देते है  जिससे परेशान होकर गंगा राम यादव ने जनसुनवाई पर शिकायत कर शासन या उच्च अधिकारियों से जांच कराकर मंडलाआयुक बस्ती मंडल बस्ती  पत्रक संख्या 713 2022-23दिनांक 10 जनवरी का निर्देश का हवाला देकर डीसी मनरेगा पर कारवाही की माग किया है। जिसमें साफ लिखा है कि सक्षम स्तर से जांचों उपरांत यदि वित्तीय अनियमितता विचलन गबन अथवा दुविनियोज सिद्ध होता है अनिवार्य रूप से प्रथमिक सूचना दर्ज कराई जाए यदि सक्षम अधिकारी द्वारा शिथिलता बरती जाती है तो उनकी संलिप्तता मानी जाएगी एवम् कठोर कारवाही हेतु बाध्य होना पड़ेगा।