बस्ती। ब्राहृमण महासभा में जो काम 20-22 सालों में नहीं हुआ, वह अब हो रहा है, जिसके चलते कईयों के चेहरीे पर से नकाब उठता जा रहा है। एक दिन पहले हुए राष्टीय कार्यकारिणी की बैठक में महामंत्री शभूंनाथ मिश्र को उनके पद से हटाने की बात उठी, जो व्यक्ति यह कहता हो, कि उसे कोई नहीं हटा सकते, लेकिन जिसे चाहूं उसे मैं हटा सकता हूं, अगर ब्राहृमण महासभा से ऐसे लोगों का वर्चस्व समाप्त होगा तो समझा जा सकता है, कि ब्राहृमण महासभा के अच्छे दिन आने वाले है। एक व्यक्ति ने कहा कि अगर कमेटी तैयार हो तो वह अकेले अपूर्ण मंदिर का निर्माण पूरा करा सकते हैं, बशर्ते गंदगी साफ होनी चाहिए। जिस तरह कोषाध्यक्ष के द्वारा आय और व्यय का ब्यौरा दिया गया, वह किसी बड़ी गड़बड़ी की ओर ईशारा करता है। बच्चों की तरह हिसाब दिया गया, इसी लिए कमेटी ने उसे अस्वीकार कर दिया, और इसके लिए 15 दिन का समय मांगा गया, जो लोग कह रहे थे, कि हिसाब आईने की तरह साफ उन्हें दिए गए हिसाब को देखना होगा। 3.60 लाख रुपया बनकटी के कार्यक्रम में खर्च होना दिखाया गया, वह भी बिना बिल और बाउचर के जबकि वह खर्चा स्व. कृष्ण कुमार दूबे ने वहन किया था। जो सामान दान में आया, उसे भी खर्चे में दिखाया गया, अगर 20-22 साल हिसाब दिया जाता है, और वह भी बिना बिल और बाउचर के तो गड़बड़ी मानी ही जाएगी। अगर 15 दिन बाद कोषाध्यक्ष पारदर्षी तरीके से हिसाब नहीं दे पाए तो माना जाएगा कि बड़े पैमाने पर चंदे के पैसे का दुरुपयोग हुआ है। बहरहाल, अध्यक्षजी के द्वारा जो निर्णय लिए गए, उसे सराहनीय माना जा रहा है, और कहा जा रहा है, कि अगर यही निर्णय पहले लिया गया होता तो कोई अगुंली नहीं उठाता। जनपद अध्यक्ष नवीन दूबे और जनपद मंत्री संजय शुक्ला के अनियमित नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया। आजीवन सदस्यता खोलने को लेकर पिछले कई सालों से आवाज उठाई जा रही थी, लेकिन इसके लिए महामंत्री तैयार नहीं थे, आजीवन सदस्यता खोले जाने का स्वागत किया गया, और कहा गया कि इस निर्णय से निश्चित ही ब्राह्मण बंधुओं को ब्राह्मण महासभा में सम्मिलित होने का असवर मिलेगा और ब्राह्मण महासभा की ताकत और बढ़ेगी। वर्तमान जिला मंडल को आजीवन सदस्य बना कर पुनः उन्हें अति शीघ्र सक्रिय किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न संगठनात्मक एवं वित्तीय विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विचार-विमर्श के उपरांत निम्नलिखित निर्णय लिए गए, आय-व्यय का विवरण अपूर्ण घोषित, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत आय-व्यय का विवरण परीक्षण के दौरान अपूर्ण पाया गया। प्रस्तुत विवरण के साथ आवश्यक बिल, वाउचर, बैंक स्टेटमेंट एवं अन्य वित्तीय अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण बैठक ने इसे स्वीकार नहीं किया। कोषाध्यक्ष द्वारा अंतिम अवसर प्रदान करने का अनुरोध किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए निर्णय लिया गया कि 23 अगस्त 2026 की बैठक में समस्त अभिलेखों सहित प्रमाणित आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पांडे की स्थिति
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पांडे ने स्वयं स्पष्ट किया कि वर्तमान में वे राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के आजीवन सदस्य नहीं हैं। अतः बायलॉज के अनुसार वे प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहने के अधिकारी नहीं हैं। डॉ. वीरेन्द्र कुमार तिवारी की स्थिति पर निर्णय लिया गया कि डॉ. वीरेन्द्र कुमार तिवारी के आग्रह पर उनकी संगठनात्मक स्थिति पर विचार किया गया। उन्होंने बैठक में स्पष्ट किया कि उन्होंने पूर्व में अपना त्यागपत्र अपनी स्वेच्छा से दिया था तथा अब वे अपनी स्वेच्छा से पुनः राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा में सक्रिय होकर संगठन के लिए कार्य करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है।
बैठक ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए उनके त्यागपत्र को निरस्त (अस्वीकृत) माना तथा उन्हें पुनः उनके पूर्व पद एवं दायित्वों सहित कार्य करने की अनुमति प्रदान की। जिला एवं मंडल कार्यकारिणी पर निर्णय लिया गया, राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा निर्णय लिया गया कि जिला कार्यकारिणी एवं मंडल कार्यकारिणी के सभी वर्तमान पदों को आजीवन सदस्यता खोले जाने तक क्रियाहीन (निष्क्रिय) माना जाएगा। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आजीवन सदस्यता खोले जाने के बाद बायलॉज के अनुरूप संगठनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा। परिवारवाद पर निर्णय लेते हुए कहा गया कि राष्ट्रीय महामंत्री शंभूनाथ मिश्रा एवं राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यनारायण शुक्ला आपस में जीजा-साला हैं। इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्णय दिया कि संगठन की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों में से किसी एक पद को त्यागना आवश्यक होगा। दोनों पदाधिकारियों से अगली बैठक तक अपना निर्णय संगठन को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। मंदिर निर्माण एवं वित्तीय लेन-देन पर चर्चा हुई, भगवान परशुराम मंदिर निर्माण से संबंधित वित्तीय लेन-देन पर जिला मंत्री संजय शुक्ला द्वारा प्रस्तुत विवरण पर चर्चा की गई। जिसमें पाया गया, कि 28 मार्च 2025 को राष्ट्रीय महामंत्री शंभूनाथ मिश्रा के द्वारा 7,00,000 (सात लाख रुपये) नगद जिला मंत्री संजय शुक्ला को दिए गए। 08 दिसंबर 2025 को पुनः 3,00,000 (तीन लाख रुपये) नगद जिला मंत्री संजय शुक्ला को दिए गए। बैठक ने निर्णय लिया कि इन समस्त वित्तीय लेन-देन से संबंधित बैंक अभिलेख, बिल, वाउचर एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज आगामी बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएँ, ताकि समाज के समक्ष पूर्ण पारदर्शिता स्थापित की जा सके। आगामी बैठक में पूर्ण पारदर्शिता
लाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक शुक्ला ने घोषणा की कि 30 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली बैठक में संगठन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों, आय-व्यय एवं अन्य लंबित बिंदुओं पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ अंतिम निर्णय समाज के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही कोषाध्यक्ष को निर्देशित किया गया कि वे समस्त वित्तीय अभिलेखों सहित आय-व्यय का प्रमाणित विवरण प्रस्तुत करें, जिससे संगठन पर उठ रहे सभी प्रश्नों का समाधान हो सके।
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