मैने एक वोट का सभी को समान अधिकार दिया आपकी एक वोट से बनती है सरकारें 

सोच ने इंसान,रंग,फल बांटे,अब संविधान को भी दलित बनाकर कमजोर करने का प्रयास

     लेख- ओमप्रकाश गौतम
मैं भारत का संविधान हूं देश के प्रबुद्ध निर्माताओं ने महिलाओं की बेड़ियों को तोड़कर समानता का अधिकार दिया। 18 साल की आयु पूरी करने वाले सभी नागरिकों को एक वोट का समान अधिकार दिया। आपकी उस एक वोट से ग्राम पंचायत से लेकर देश की उच्च सरकार बनाने का अधिकार दिया। आपकी एक वोट के उस अधिकार पर हमले हो रहे है। एस आई आर के तहत वंचित किया जा रहा है। जिसकी सुनवाई शीर्ष अदालत भी नहीं करने पर संविधान की रक्षक शीर्ष अदालत भी दोषी साबित हो रही है। संवैधानिक संस्था निर्वाचन आयोग को बेकाबू कर दिया गया जो सरकार की मंशा पर एक बड़ा सवाल है। 
संविधान निर्माता समिति में देश के राजेंद्र प्रसाद,जवाहर लाल नेहरू,प्रबुद्ध थे। समिति के अध्यक्ष डॉ बीआर अम्बेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में नौ भाषाओं में 22 डिग्रियां लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त की और आजाद भारत का संविधान लिखा। बाबा साहब ने अपने परिवार से बड़ा समाज और समाज से बड़ा देश की सोच को प्राथमिकता दी। संविधान में हम भारत के लोग के साथ महिलाओं की बेड़ियों को तोड़कर 18 साल की आयु पूरी करने वाले सभी को एक मतदाता एक वोट की समानता का अधिकार देने पर आज महिला सभी क्षेत्रों में मेरी वजह से आगे निकल रही है। ग्राम पंचायत सरकार से देश की उच्च भारत सरकार बनाने का बेशकीमती अधिकार है। आज उस एक वोट के अधिकार पर हमले कर वंचित किया जा रहा है। उस समय हद हो गई जब पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में लाखों वोट काट दिया गया। देश की शीर्ष अदालत ने भी सुनने से इनकार कर अगले चुनाव में वोट देने के आदेश दे दिए गए।  लोकतंत्र की हत्या कर संविधान को दलित बनाकर कमजोर करने की साजिश मजबूत बनकर उभर गई।

डॉ अम्बेडकर ने देश को सर्वोपरि गया...
संविधान बोल रहा हूं मैने देश के सभी जाति, लिंग, धर्मों को समानता के साथ देश को सर्वोपरि माना। देश का विशेष वर्ग जिसकी मानसिकता एकाधिकार की रही। इस वर्ग ने इंसान को चार वर्गों में बांटा,बांटे,हरा रंग मुसलमानी,नीला दलित,भगवा सनातनी तो दिन भी बांट दिए। देश के तिरंगा को नहीं माना। उन्होंने फल  खजूर मुसलमानी और नारियल हिन्दू का बना दिया। हद तो उस समय हो गई जब दुनिया का सबसे श्रेष्ठ संविधान को भी बदलने के लिए भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 430 सीटों की मांगकर चुनाव प्रचार किया। 
देश के प्रधानमंत्री ने अमर्यादित भाषा से प्रचार किया। इस वर्ग की सोच ने मुझे भी डॉबीआर अम्बेडकर का दलित संविधान बना दिया। जबकि लोकतंत्र संविधान से चलता है। सभी उच्च पदों पर मेरी शपथ लेकर बैठे हुए है।

बाबा साहब डॉ बीआर अम्बेडकर के सूत्रों को तोड़ा ..
डॉ बीआर अम्बेडकर ने देश के समस्त नागरिकों को शिक्षित बनो,संगठित हो,संघर्ष करो का संदेश दिया। देश की मजबूती के लिए सभी को आगे बढ़ने का अधिकार हूं। धर्म से बड़ा देश होने के बाबजूद धर्म की भी रक्षा नहीं कर माखौल बनाया जा रहा है।