बस्ती। सवाल उठ रहा है, कि जब भारतीय भ्रष्टाचार अन्वेशण उन्मुलन के चेयरमैन के खिलाफ धोखाघड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज होगा तो भ्रष्टाचार मिटाएगा कौन? और भ्रष्टाचार मिटेगा कैसे? इसका मतलब यह हुआ कि जो लोग इस तरह का अभियान चलाते हैं, वह लोग खुद भ्रष्टाचार में डूबे रहते हैं, यह लोग संस्था की आड़ में वह सब गलत काम करते हैं, जिसका यह लोग विरोध करते है। मामला राजेश कुमार चौधरी चेयरमैन भारतीय भ्रष्टाचार अन्वेशण उन्मुलन परिसर हर्रैया बस्ती ग्राम खदरा थाना दुबौलिया का सामने आया। इनके खिलाफ घनष्याम मौर्य पुत्र गुरुप्रसाद मौर्य निवासी ग्राम देवखर ने थाना छावनी में एफआईआर दर्ज करवाया। मामला बहुत ही रोचक है।
दर्ज एफआईआर में कहा गया कि उसकी शादी सन 2010 में प्रिति मौर्या के साथ हुआ। पत्नी लगभग 08 वर्षो सें बेल्सन इण्डिया लिमिटेड कक्ष गुजरात में काम कर रही। पत्नी घर नहीं आ रही थी। इसी बीच राजेश कुमार चौधरी चेयरमैन भारतीय भ्रष्टाचार अन्वेशण उन्मुलन परिसर हर्रैया बस्ती ग्राम खदरा थाना दुबौलिया जनपद बस्ती के निवासी है जो हर्रैया में आफिस खोले हुए हैं, गांव में दुर्गा पुजा समारोह में शामिल हुआ। उसने राघवेन्द्र वर्मा व जयप्रकाश सिंह व मुझे राजेश चौधरी से मिलवाया। जब कहा गया कि उसकी पत्नी घर नहीं आ रही है, तो राजेश कुमार चौधरी ने यह कहा कि तुम्हारी औरत को गुजरात से मंगवा लूंगा जिसमें 12 से 13 लाख रुपया मिलेगा यदि नही रहेगी तो 65 लाख रुपये जुर्माना लगेगा जो तुम्हे मिलेगा। उसने घनश्याम से कहा कि तुम्हे 25,000 रुपया भ्रष्टाचार निवारण परिषद में जमा करना पडेगा तथा 200 रुपया बतौर फाइल बनाने में खर्च होगा। विष्वास करके 29 नवंबर 2025 को आनलाईन के जरिए उसके खाते में 20,000 रुपया व 15 दिसंबर 25 को 5200 रुपया आनलाइन दिया। जब पत्नी नहीं आई तो और पैसा मांगने लगा तो जान से मार डालने के भय में डालकर कोरे कागज पर जबरदस्ती हस्ताक्षर बनवा लिया। फिर उसने पंजाब नेशनल बैंक फेटवा बस्ती के नाम 30,000 रुपये का चेक दिया, जो कैश नहीं हुआ।
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