बस्ती। जिस भी ब्लाकों की बागडोर नकली प्रमुखों के हाथों में रही, खासतौर भाजपा शासित क्षेत्र पंचायतों की तो उस ब्लॉक में भ्रष्टाचार का रिकार्ड बना, चाहें वह बहादुरपुर रह हो, चाहे वह बनकटी रहा हो, चाहे वह हर्रैैया रहा हो, चाहे वह सल्टौआ रहा हो और चाहें वह कप्तानगंज ही क्यों न रहो, सभी नकली प्रमुखों ने सिर्फ और सिर्फ लूटने का काम किया, और इसके लिए और किसी को नहीं बल्कि भाजपा के जिम्मेदारों को जिम्मेदार माना जा रहा है। किसी ब्लॉक को बाप-बेटे ने मिलकर लूटा तो किसी के पति ने लूटा। नकली प्रमुखों ने ऐसा लूटपाट किया, जिसे क्षेत्र की जनता कभी नहीं भूल पाएगी, नाम लेकर कहेगी, कि इसी लुटेरे ने ब्लॉक को लूटा। हाल ही जिस तरह से फिर से कप्तानगंज में लूटपाट सामने आया, उससे फिर याद ताजा हो गई। यही वह ब्लॉक हैं, जिसके नकली प्रमुख कुर्सी पर बैठकर ब्लॉक को संचालित कर रहे थे। बहरहाल, आज इनकी फिर चर्चा हुई, और इस बार चर्चा का कारण बने पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामषंकर यादव। इनकी शिकायत पर जब जांच करने डीडीओ अजय कुमार श्रीवास्तव तेलियाडीह और बटटूपुर गए, तो उन्हें शिकायत सही मिली। जैसे ही नकली प्रमुख को पता चला वह अपने लोगों को लेकर घटना स्थल पर पहुंच गए। फिर हुआ गाली-गलौज का दौर। मामला थाने पहुंचा, लेकिन जब पुलिस ने जांच किया तो गलती नकली प्रमुख भोला निषाद की मिली। कहने का मतलब  उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।

कमिश्नर से की गई षिकायत में कहा गया कि 16 मई 26 को कप्तानगंज क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई, इस बैठक में एमएलसी के प्रतिनिधि के रुप में पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम शंकर यादव को नामित किया गया। कहा कि सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों से काम का प्रस्ताव मांगा गया। लेकिन प्रमुख मिथिलेष निषाद ने सभी बीडीसी के वार्डं काम न करवाकर अपने गांव तेलियाडीह लगभग 60 फीसद कार्य कराने की योजना बना डाली। अवशेष 47 वार्ड में केवल चार वार्ड में एक करोड़ 36 लाख की कार्य योजना बनाकर स्वंय 30 जून 26 को सेवानिवृत्ति हुए बभ्उीओ चंद्रभान उपाध्याय से हस्ताक्षर करवा लिया। इस फर्जी प्रस्ताव को लिखने में आंकिक अनिल कुमार की भूमिका रही। कहा कि 16 मई 26 के बैठक की पुष्टि किए बिना निविदा निकाल दिया। कहा किग्राम पंचायत बटटूपुर में यादव की पुरवा तक सांसद निधि से 350 मी. आरसीसी रोड अप्रैल 26 में लगभग 27 लाख की लागत से निर्माण हुआ। उसी सड़क का नाम बदलकर यादव पुरवा में राम जनक के खेत से कंहई यादव के घर तक आरसीसी रोड एवं बटटूपुर में नहलवान वीर बाबा के स्थान के आगे पुलिया से तुलसीराम के खेत तक आरसीसी रोड निर्माण की योजना बनाकर सांसद निधि द्वारा बनाए मार्ग को 16 लाख से अधिक का फर्जी भुगतान लेने का प्रयास किया। कहा कि इसी तरह ग्राम पंचायत तेलियाडीह में विनोद के घर से रतिराम के खेत तक सीसी रोड निर्माण कार्य 25 मई 26 को निर्माण कराया गया, जिसकी कुल एक ला,ा 88 हजार 214 रुपया है,, इसी मार्ग पर पुनः क्षेत्र पंचायत की कार्य योजना में तेलियाडीह में पिचरोड परमात्मा के घर से त्रिलोकपुर सरहद तक आरसीसी निर्माण कार्य का निविदा निकाला गया। जबकि यह रोड पहले से ग्राम पंचायत तेलियाडीह के द्वारा बनाया गया, विनोद और परमात्मा का मकान आमने-सामने है। इअस प्रकार ग्राम पंचायत में विनोद के घर से यह रोड दिखाया गया, और क्षेत्र पंचायत ने परमान्मा के घर से त्रिलोकपुर तक की कार्ययोजना फर्जी तरीके से बनाई गई। कहा कि 21 जुलाई 21 को क्षेत्र पंचायत का गठन हुआ, तब से न्रत्येक साल में केवल अधिकतर कार्य अपने ग्राम पंचायत तेलियाडीह में कराया गया। जब कि अधिकतर कार्य ग्राम पंचायत के द्वारा कराए गए हैं, चूंकि इस ग्राम पंचायत के प्रधान, नकली प्रमुख के भाई हैं, इस लिए चिरोध नहीं हुआ, कहने का मतलब प्रधान ओर नकली प्रमुख भाई-भाई ने मिलकर ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के धन को लूटा। तेलियाडीह में 21 में नौ परियोजना फर्जी है। पत्र में जांच और कार्रवाई करने की मांग की गई, इस फर्जीवाड़े के खेल में रिटायर बीडीओ की अहम भूमिका रही।