बस्ती। भ्रष्टाचारियों के नाकों में दम करने वाले भाकियू भानु गुट के जिला उपाध्यक्ष को इस लिए गेटआउट कर दिया गया कि वह भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर निरंतर हैमर कर रहा था, वह ऐसे लोगों पर भी हैमर कर रहा है, जो संगठन के पदाधिकारियों के चहेते रहे, और इन लोगों ने कई बार उमेेश गोस्वामी से कहा कि क्यों ऐसे लोगों के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हो, जो हमारे लोग है। आप लोगों ने पहली बार सुना होगा कि एक ऐसे व्यक्ति को संगठन से बाहर कर दिया गया, जो संगठन का झंडा बस्ती से लेकर लखनऊ तक उंचा किए हुए था। भ्रष्ट पदाधिकारियों को तो आप लोगों ने न जाने कितनी बाहर संगठन या पार्टी से बाहर करते हुए सुना होगा। संगठन से निकालने के बाद उमेश गोस्वामी ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी नहीं चाहते थे, कि हम भ्रष्ट अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ शिकायत करें, इसी लिए हमको संगठन से निकल दिया, कहते हैं, कि अगर यह लोग यह समझते हैं, कि उसे संगठन से निकाल देने से उसकी आवाज बंद हो जाएगी, तो गलत सोच रहे हैं, अब तो आवाज और भी बुलंद होगी। कहते हैं, कि वह किसी संगठन का मोहताज नहीं हैं, अनेक लोग जिलाध्यक्ष का आफर दे रहे हैं। कहते हैं, कि जो लोग संगठन का पदाधिकारी बनकर मलाई काट रहे हैं, वे लोग खुद भ्रष्टाचारियों से मिले हुएं है। यह सही है, कि उमेश गोस्वामी ने अपने लड़ाई से अनेक भ्रष्टाचार को उजागर किया, कहना गलत नहीं होगा, सीएमओ कार्यालय और बाहर में हो रहे भ्रष्टाचार को इन्होंने प्रमुखता से न सिर्फ उठाया, बल्कि लड़ाई लड़ने के लिए डिप्टी सीएम/स्वास्थ्य मंत्री तक गए, खाद की कालाबाजारी को लेकर यह सीधे मंत्री सूर्य प्रताप सिंह से पंगा ले लिया, और कहा कि पहले जिला कृषि अधिकारी को हटाइए, क्यों कि इनके चलते ही किसानों को खाद नहीं मिल रहा है, और यह खाद के होलसेलर्स से 100 रुपया बोरी कमीशन लेते है। मीडिया बार-बार कह रही है, अगर उमेश गोस्वामी जैसे दो चार और हो जाए तो भ्रष्टाचार पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। इसे संगठन का दुर्भाग्य कहें या फिर उमेश का, ऐसे व्यक्ति को बाहर कर दिया, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था।
- Loading weather...
- |
- Last Update 09 Jul, 12:18 AM
- |
- |
- खबरें हटके
- |
- ताज़ा खबर
- |
- क्राइम
- |
- वायरल विडिओ
- |
- वीडियो
- |
- + More
0 Comment