किसान को समय से पहले फसल काटने पर नुकसान होता है,भरपाई नहीं
ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर: गंगा स्नान मेला की तैयारी जोरो पर कराई जा रही है। गंगा किनारे करीब 20 किलोमीटर क्षेत्रफल में किसान की फसल खड़ी होती है। किसान को समय से पहले अपनी फसल काटने पर भारी नुकसान होता है जिसकी भरपाई नहीं कराई जाती है। इसके बाबजूद मेला की मुख्य सड़क की निशान देई कर गन्ने की फसल कटवाए जाने पर कच्ची सड़क का निर्माण कराने में भी तेजी आ गई। हापुड़ जिलाधिकारी कविता मीणा गंगा मेला को भव्य बनाए जाने के लिए हर संभव प्रयासरत है। मेला की व्यवस्था में जुड़े विभागों के अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के लिए निर्देशित किया है। जिसके चलते गंगा मेला की मुख्य कच्ची सड़क की निशान देई के साथ गन्ने की खड़ी फसल कटवाए जाने से रास्ता साफ हो गया है। भरत सिंह ने बताया कि कच्ची सड़क बनवाने में सबसे ज्यादा परेशानी किसान की फसल होती है। मेला की मुख्य कच्ची सड़क की निशान देई कर गन्ने की सफल किसानों ने काट ली रास्ता साफ हो चुका है। गंगा स्नान मेला में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आने की संभावना है। गत वर्ष भी मुख्यमंत्री आए थे। प्रदेश के विधान सभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे मौके पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के मेला में आने पर किसानों को सौगात मिल सकती है।
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