बस्ती। जिला अस्पताल में पीओ सिटी नामक फर्म पैथालाजी के जांच के नाम पर एसआईसी, पैथालाजिस्ट और एलटी को लूटने में मदद कर रही है। जो जांच निःशुल्क होना चाहिए, उसके लिए मरीजों से थायराइड का दो सौ और एचसीवी का सौ रुपया वसूला जा रहा है, लगभग 250 मरीजों की जांच रोज होती है, इस तरह लगभग 50 हजार डेली का बंदरबांट हो रहा है। मरीजों को जो जांच रिपोर्ट दी जा रही है, उसमें भी हेराफेरी की जा रही है। बिना पैथालाजिस्ट के हस्ताक्षर के जांच रिपोर्ट दी जा रही हैं, जो कि अमान्य है। पैसे जांच रिपोर्ट पर न तो जिला महिला अस्पताल और न हर्रैया महिला अस्पताल के पैथालाजिस्ट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है, कि जब पैथालाजिस्ट की डयूटी ही जांच करना और जांच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करना है, तो क्यों नहीं यह लोग कर रहे हैं? इससे साफ पता चलता है, कि जांच की जाती है, वह पीओ सिटी के व्यक्तियों के द्वारा की जाती हैं, इन लोगों की जांव पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्यों कि यह लोग अप्रशिक्षित होते है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है, कि जब अस्पताल में जांच निःशुल्क हैं, तो क्यों मरीजों से सौ दो सौ लिया जा रहा है? जब मरीज कई बार इसकी षिकायत एसआईसी से कर चुके है। चूंकि इसमें एसआईसी की भी हिस्सेदारी रहती है, इस लिए कार्रवाई नहीं करते, यह तक नहीं देखते कि आखिर जांच रिपोर्ट पर क्यों नहीं नियुक्ति पैथालाजिस्ट हस्ताक्षर करते है? अगर एसआईसी साहब इतने ही ईमानदार होते तो वह लैब के बाहर बोर्ड लगवाते कि जांच निःशुल्क हैं। सरकारी अस्पतालों में 99 फीसद गरीब मरीज इस लिए जाते हैं, कि वहां पर हर सबकुछ निःशुल्क हैं, लेकिन जब वह जांच कराने जाता है, तो काउंटर वाले पहले पैसा मांगते हैं, पैसे की रशीद भी नहीं देते, सवाल यह भी उठ रहा है, कि जब एलटी और पैथालाजिस्ट नियुक्ति हैं, तो फिर क्यों पीओ सिटी के आदमियों के द्वारा जांच की जाती है? वैसे ही पीओ सिटी को रिजेंट खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान किया जाता है। जिला अस्पताल में सबसे अधिक मरीज आते हैं, हर दूसरे और तीसरे मरीज को लैब की जांच की आवष्यकता पड़ती है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अगर मरीजों का उत्पीड़न और शोषण किया जाएगा, तो पीएचसी और सीएचसी में कितना होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है। वैसे भी एसआईसी और तीनों सीएमएस ने जिले के अस्पतालों को लूट का अडडा बना रखा है। जिनके जिम्मेदार अस्पताल हैं, वह खुद लूटपाट का पार्टनर है।