मंजीत सिंह की रिपोर्ट
गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़: आपको बताते चलें कि यह घटना गढ़मुक्तेश्वर के मौ0 आदर्श नगर की है दिनांक 08,03,2026, को पीड़ित ने एक शिकायती पत्र थाना गढ़मुक्तेश्वर को दिया जिसमे पीड़ित ने आरोप लगाया कि अनवर जुल्फी, पुत्रगण कलवा, व नदीम,जुबेर,नसीम, पुत्रगण, अनवार, व आमिर पुत्र जुल्फी व हैदर, अरकम पुत्रगण रियाज वह तीन चार अज्ञात व्यक्तियों ने पीड़ित के घर में घुसकर पीड़ित की बेटी हदीसा के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट की थी, जिससे पीडिता के काफी गंभीर चोट आयी थी ! जिसकी बावत थाना गढ़मुक्तेश्वर ने मु0अ0स0,116 सन 2026 अंतर्गत धारा 333, 191(2)191(3) 115(2)352व 351(3) बी0एन0एस0 दर्ज करा लिया था,पीड़ित का आरोप है गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने आरोपियों का सहयोग देते हुवे हल्की धाराओ में मुकद्दमा दर्ज कर उन्हें आजाद छोड़ दिया महीने तक कभी हापुड़ तो कभी गढ़मुक्तेश्वर थाने के चक्कर काटने के बाद इंसाफ नहीं मिला था!

हापुड व सिकंदराबाद कोतवाली में डीआईजी का हुआ था एक्शन
कार्रवाई कैसे हुई- दोपहर 12 बजे: एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने CO भास्कर मिश्रा से जांच कराई। आरोप सही मिलने पर 6 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।2. 3 घंटे बाद: मामला डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी के संज्ञान में आया। उन्होंने और सख्त रुख अपनाते हुए सभी 6 को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। कौन-कौन सस्पेंड हुए 1. नीरज मलिक - प्रभारी निरीक्षक, सिकंदराबाद कोतवाली 2. अरुण कुमार - वरिष्ठ उप निरीक्षक (SSI) 3. अमित कुमार - जेल चौकी प्रभारी 4. प्रवेश बैसला - आरक्षी 5. सुमित - आरक्षी 6. एक अन्य पुलिसकर्मी
हापुड़ शहर कोतवाल विनोद पांडेय को 3 मई 2026 को लाइन हाजिर किया गया
विनोद पांडेय और जदीद चौकी इंचार्ज अशोक कुमार पर एक शख्स को 8 घंटे जबरन हवालात में बैठाने का आरोप पीड़ित से जबरदस्ती समझौता कराया गया और गाली-गलौज, अभद्रता की गई. IPS बजरंग प्रसाद की शुरुआती जांच में थाने में CCTV कैमरे भी बंद मिले
पूर्व में विनोद पांडे गढ़मुक्तेश्वर कोतवाल रहे। गढ़मुक्तेश्वर की जानता ने कोतवाल विनोद पांडे का पुतला फुका था! उसके बाद तत्कालीन एसपी ने इन्हें लाइन हाजिर किया। उस के बाद कपूरपुर थाना प्रभारी बना दिया गया !
- विनोद पांडेय 30 दिसंबर 2025 को कपूरपुर थाना प्रभारी से हटाकर हापुड़ कोतवाली प्रभारी बनाए गए थे- इस पूरे मामले की विस्तृत जांच SPRA मेरठ कर रहे हैं- चौकी इंचार्ज अशोक कुमार को भी लाइन हाजिर किया गया है ! लाइन हाजिर सस्पेंशन या बहाली लोगों के मन में बड़ा सवाल?
तो पीड़ित डीआईजी मेरठ से मिला तब जाकर डीआईजी मेरठ के आदेश पर इंसाफ मिला! आगे पीड़ित ने बताया की वह अपनी बेटी को 8/3/ 2026 को गढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया वहां हदीसा को मेरठ रेफर कर दिया, पीड़ित ने बताया की बेटी की तबीयत ज्यादा खराब थी, तो पीड़ित ने अपनी बेटी को दिनांक 9/3/2026 को रात्रि समय 12.06 बजे पारस हॉस्पिटल में ट्रामा सेंटर मेरठ में भर्ती कर दिया, जिसका इलाज दिनांक 14/3/2026 तक परंतु वहां भी मेरी बेटी की तबीयत में सुधार नहीं हो पाया, और पीड़ित ने अपनी बेटी हदीसा को 14/3/ 2026 को जनता अस्पताल में भर्ती कर दिया जो दिनांक 20/3/ 2026 तक भरती रही है, उपरोक्त आरोपियों ने पीड़ित की बेटी के साथ निर्दयतापूर्वक मारपीट की थी, जिसकी फोटो प्रति प्रार्थना पत्र के साथ सलंग्न है, पीड़ित ने गढ़मुक्तेश्वर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाये कि थाना गढ़मुक्तेश्वर की पुलिस भी उपरोक्त लोगों से मिली हुई है, उपरोक्त लोगों के असर में थाना गढ़मुक्तेश्वर की पुलिस ने 109 बी0एन0एस0 मैं मुकदमा दर्ज नहीं किया था, ना ही अ0धा0 109 धारा की वृद्धि ही है
फिलहाल डीआईजी के क्लानिधि नैथानी मेरठ के आदेश पर गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने धारा 109 बी0एन0एस0 लगा कर एक आरोपी अरकम पुत्र रियाज को जेल भेज दिया गया है,आगे कार्यवाही जारी है!
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