बस्ती। जिस विभाग के चौकी इंचार्ज और दीवान गुंडई दिखाते हैं, और जेब से जबरिया छह हजार छीन लेते हैं, अगर उस विभाग के डीआईजी और एसपी भगवाधारी नेता ईमानदारी का तमगा देगें, तो नेताजी पर सवाल तो उठेगा ही। मामला लालगंज थाना क्षेत्र की कुदरहा चौकी के प्रभारी उमेश सिंह व दीवान ओम प्रकाश गुप्ता की मनमानी का प्रकरण सामने आया है। थाना क्षेत्र के जिभियांव गांव के सूरज कुमार पुत्र रामअजोर ने पुलिस अधीक्षक को दिये शिकायती पत्र मे चौकी इंचार्ज एवं दीवान पर आरोप लगाते हुये कहा कि उनका ड्राइवर अनीश कुमार महुआपार खदान से बालू लादकर आ रहा था। वह घर पहुंचा ही था कि पीछे से चौकी इंचार्ज और दीवान पहुंच गये। उन्होंने ट्रैक्टर की चाबी निकाल ली और गालियां देते हुये मारने पीटने लगे। बालू की रायल्टी रसीद भी दिखाया, लेकिन वे नही माने, कहा 10 हजार रूपया दो वरना ट्रैक्टर ट्राली थाने ले जाकर सीज करेंगे। यह कहने पर कि उन्हांेने रायल्टी जमा की है, तब कैसा पैसा दें आपको, दोनो पुलिसकर्मी आगबबूला हो गये। आखिरकार जेब मे रखा 5,090 रूपया छीन लिया। धमकी देते हुये चले गये और कहा कि कहीं शिकायत की तो तुम्हे और ट्रैक्टर ट्राली को बंद कर देंगे। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर दोनो पुलिसकर्मियों द्वारा किये गये आपराधिक कृत्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही किये जाने की मांग किया है। सबसे बड़ा सवाल यह है, कि जब पुलिस वाले गुंडई करने लगेंगे तो उन्हें गुंडों से कौन बचाएगा? पैसे के लिए घर तक आना और वर्दी का धौंस दिखाकर यह कहना कि दस हजार दो वरना ट्रैक्टर ट्राली सीज कर देगें, न देने पर जेब में रखा 5090 रुपया छीन लेना, यह बताता है, कि पुलिस जो चाहे करे उसे खुली छूट है। वैसे भी कुदरहा चौकी पहले से काफी बदनाम चौकी रहा। इस घटना के बाद तो और भी पुलिस की बदनामी हो रही है। कोई चौकी इंचार्ज और दरोगा यह न समझे कि वह धमका देगें और लोग उनकी धमकी में आ जाएगें। अब कोई डरने वाला नहीं रहा। कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस को बदनाम पुलिस ही कर रही है। वरना कोई एसपी के पास न जाता।