बस्ती। समाजवादी पार्टी के जनपद बस्ती इकाई द्वारा बुधवार, 27 मई 2026 को जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी बस्ती के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बस्ती सदर विधायक एवं जिलाध्यक्ष डंीम ने किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बिजली संकट, कानून व्यवस्था, किसानों के बकाया भुगतान और महिलाओं की सुरक्षा समेत कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

ज्ञापन में कहा गया कि पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों और कालाबाजारी पर रोक लगाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।सपा नेताओं ने जिले में हो रही लगातार बिजली कटौती और जले ट्रांसफार्मरों को समय से न बदले जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली संकट से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है तथा बुजुर्गों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। साथ ही जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी नजदीकी क्षेत्रों में लगाने की मांग की गई, ताकि सीमित ईंधन उपलब्धता के बीच उन्हें राहत मिल सके। समाजवादी पार्टी ने वाल्टरगंज एवं अठदमा चीनी मिल से जुड़े किसानों और कर्मचारियों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने, जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रोक लगाने, महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की भी मांग की। इस मौके पर सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी अतुल ने कहा कि जनहित के सवालों को लेकर समाजवादी निरन्तर संघर्ष कर रहे हैं किन्तु  केन्द्र और यूपी की सरकार चुप्पी साधे हुये हैं। भाजपा नफरत फैला कर बुनियादी सवालों से बच रही है। ऐसे में जनता को आगे आकर संघर्ष तेज करना होगा।
ज्ञापन सौंपने के बाद सपा जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि अमेरिका, इजराइल, इरान युद्ध के नाम पर देश में सुनियोजित ढंग से मंहगाई को बढाया जा रहा है। परीक्षाओं में धांधली से छात्र परेशान हैं। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल है। यदि शीघ्र समाधान न हुआ तो आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ जायेंगी। कहा कि अब तो संघर्ष का ही रास्ता बचा है। पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी अतुल ने कहा कि जनहित के सवालों को लेकर समाजवादी निरन्तर संघर्ष कर रहे हैं किन्तु  केन्द्र और यूपी की सरकार चुप्पी साधे हुये हैं। भाजपा नफरत फैला कर बुनियादी सवालों से बच रही है। ऐसे में जनता को आगे आकर संघर्ष तेज करना होगा।
राज्यपाल को भेजे 9 सूत्रीय ज्ञापन में महंगाई, बिजली संकट, कानून व्यवस्था, किसानों के बकाया भुगतान और महिलाओं की सुरक्षा, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की लगातार बढ़ती कीमतों सहित जनता से जुड़े अनेक मुद्दे शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों मंें मुख्य रूप से सौरभ मिश्र उर्फ सन्नी, धीरसेन निषाद, चन्द्र प्रकाश चौधरी, जावेद पिण्डारी, मो. स्वालेह, राम सिंह यादव, अरविन्द सोनकर, युनूस आलम, भोला पाण्डेय, रहमान सिद्दीकी, अखिल यादव, मोनू यदुवंश, मो. सलीम, समीर चौधरी, हिमांशु सिंह ‘रानू’, रिन्टू यादव, रन बहादुर यादव, मो. सलीम, अरविन्द यादव, राजेन्द्र चौधरी, विजय व्रिकम आर्या, राजाराम यादव, निजामुद्दीन, राजेन्द्र चौरसिया, राहुल सोनकर, विशाल सोनकर, मोहम्मद नसीम, डी.के., सुरेन्द्र सिंह ‘छोटे’, तूफानी यादव, सुशील यादव, भोलू अंसारी, प्रमोद यादव, प्रशान्त यादव, गुलाब सोनकर, हनुमान चौधरी, राजमोहन चौधरी, अकुर गौतम, रितिक कुमार, कुलदीप मौर्य, गौरीशंकर यादव, दिनेश तिवारी, पंकज कुमार गौतम, रमेश गौतम के साथ ही बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।