कावड़ियों पर हेलीकॉप्टर से  पुष्प वर्षा करने में सरकार,सिस्टम जुटा

आदर्श शिविरों में कावड़ियों को आरामदायक गड्ढे,पंखे,नाश्ता भोजन परोसा

ओमप्रकाश गौतम

आस्था,श्रद्धा के साथ कठिन तप का पर्व महाशिवरात्रि पर्व है। घर से निकलने पर कावड़िया, गंगा जल उठाने के बाद नाम भोले के रूप में सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर नियमों के साथ करते है। वहीं कावड़ियों के परिजनों को भी नियमों का पालन करना होता है। आस्था,श्रद्धा के पर्व का आधुनिक करण कर स्वरूप ही बदल दिया। नन्हे मासूम बच्चों से लेकर वृद्धजन,महिला और युवती भी गंगा जल उठाकर अपने शिवालयों की ओर बम बम बोल बम,मिली शिव शक्ति के साथ चले जा रहे है।

कावड़ का स्वरूप बदला...

कावड़ बांस से बनी सुंदर ढंग से सजा कर एक लीटर गंगा जल लेकर जाते थे। कावड़ को नियम के अनुसार रखा जाता था। एक किलो जल की जगह 100 किलो से ज्यादा कलश में जल उठाकर दिखावा हो गया है। मासूम बच्चे जिन्हें स्कूल में होना चाहिए वे अब स्कूलों की छुट्टी होने पर बोल बम में जुटे हुए है।

कावड़ मेला का आधुनिकीकरण कर दे रहे सुविधा....

भगवान शिव शक्ति से कावड़ मेला तप के साथ होता है। धर्म प्रेमियों ने जगह जगह शिविर लगाकर नाश्ता,भोजन,की व्यवस्था की हैं तो सिस्टम ने आदर्श शिविरों में गड्ढे,पंखे लगाकर आरामदायक बनाया है। इतना ही नहीं सीएम योगी आदित्य नाथ ने मंत्री,सांसद,विधायकों तथा संगठन के पदाधिकारियों  ने कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर   राजनीति करण कर दिया। हापुड़ डीएम और एसपी ने भी हेलीकॉप्टर से कावड़ियों पर फूल बरसाए।