बस्ती। अत्यंत चिंताजनक एवं हृदयविदारक है। बस्ती शहर के मालवीय रोड स्थित एक निजी अस्पताल में न्यूरो सर्जन न होने के बावजूद एमबीएस डॉक्टर द्वारा सिर में गंभीर चोट की मरीज का इलाज किया गया, जिसके छह दिन बाद महिला की मौत हो गई। सीएमओ द्वारा जांच के आदेश दिए जाना औपचारिकता मात्र है। यह घटना बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार एवं लापरवाही से भरे तंत्र का जीता-जागता उदाहरण है।
’मुख्य तथ्य एवं गंभीर आरोप’
1. ’अयोग्य व्यक्तियों द्वारा जटिल इलाज’ न्यूरो सर्जन की अनुपस्थिति में एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा सिर की गंभीर चोट का इलाज। यह मरीज की जान से सीधा खिलवाड़ है।
2. ’अवैध अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड व लैब का बोलबाला’रू सीएमओ कार्यालय व नोडल अधिकारियों के ’प्रत्यक्ष संरक्षण’ में बस्ती में दर्जनों मानकविहीन अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथोलॉजी लैब संचालित हो रहे हैं।
3. ’कार्रवाई के नाम पर वसूली’रू शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय प्रत्येक माह समस्त निजी अस्पतालों से ’मासिक चढ़ावा’ वसूला जाता है। इसी कारण कोई जांच नहीं होती।
4. ’सबसे घाघ अधिकारी’रू इस पूरे गोरखधंधे के सूत्रधार ’डिप्टी सीएमओध्नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार चौधरी’ हैं। आरोप है कि इन्हें किसी का भय नहीं है क्योंकि इन्हें ’सपा सांसद का व्रज हस्त प्राप्त है। इन्हीं के संरक्षण में लगभग ’25 वर्षों से’ बस्ती जिले में कुंडली मारकर बैठे हैं और मनमानी कर रहे हैं।
’जनहित में आपसे निम्न कठोर मांगें की जाती हैं’
1. ’उच्च स्तरीय जांच’रू उक्त महिला की मौत की जांच किसी रिटायर्ड जज या मंडल स्तरीय कमेटी से कराई जाए। दोषी अस्पताल व डॉक्टर के तहत ’आपराधिक मुकदमा’ दर्ज कर जेल भेजा जाए।
2. ’निलंबन व विभागीय कार्रवाई’ नोडल अधिकारी ’डॉ. अशोक कुमार चौधरी’ को तत्काल निलंबित कर 25 वर्षों के कार्यकाल की ’विजिलेंस जांच’ कराई जाए। उनकी चल-अचल संपत्ति की जांच हो।
3. ’सघन अभियान’रू 15 दिन में पूरे जिले के सभी निजी अस्पताल, अल्ट्रासाउंड, लैब व क्लिनिक की जांच कर मानकविहीन को ’सील’ किया जाए और लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
4. ’वसूली प्रकरण की जांच’रू चढ़ावा वसूली के आरोपों की जांच कर दोषी सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हो।
’अंतिम चेतावनी’
स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार का उद्गम स्थल बन चुका है। माननीय उप मुख्यमंत्री चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ‘बृजेश पाठक जी’ धरातल की स्थिति न देखकर हवा में उड़ रहे हैं। 7 दिवस के अंदर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्यथा बाध्य होकर ’दिनांक 12.08.2026’ से मैं ’चंद्रेश प्रताप सिंह, प्रवक्ता लखनऊ में उप मुख्यमंत्री चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री के आवास के सामने आमरण भूख हड़ताल’ पर बैठने को मजबूर होऊंगा। इस दौरान यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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