बस्ती। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के लिए अलख जगाने निकले देश के जाने-माने पर्यावरणविद् डा. अनिल प्रकाश जोशी की ‘प्रकृति साइकिल यात्रा’ मंगलवार को गोटवा पहुंची। वरिष्ठ चिकित्सक  डा. वी.के. वर्मा ने उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया।
डा. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि मनुष्य का अस्तित्व तभी सुरक्षित है जब वह प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करे।
पटेल एसएम एच हास्पिटल एण्ड पैरामेडिकल कालेज के प्रबंधक डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि प्रख्यात पर्यावरणविद पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की यह यात्रा केवल एक शारीरिक सफर नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति गहरी संवेदना और एक बड़े सामाजिक बदलाव का संदेश लेकर आई है। 16 सदस्यीय समर्पित टीम के साथ दो अक्टूबर को नेपाल के जनकपुर से शुरू हुई यह 4000 किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा देश के कई हिस्सों से गुजरते हुए लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रही है। 80 की उम्र में डॉ. जोशी का यह अदम्य साहस और समर्पण हर किसी को हैरान भी कर रहा है और प्रेरित भी कर रहा है। कहा कि पर्यावरण और जल-जंगल-जमीन को बचाना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देश के हर नागरिक का परम कर्तव्य है. अगर हम आज जल की बर्बादी नहीं रोकेंगे, वर्षा जल का संचयन नहीं करेंगे और पेड़-पौधे नहीं लगाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के पास जीने के लिए सुरक्षित वातावरण नहीं बचेगा। स्वागत करने वालों में डा. वी.के. वर्मा के साथ अनेक क्षेत्रीय नागरिक, चिकित्सक, मेडिकल के छात्र उपस्थित रहे।