बस्ती। कप्तानगंज का दारुल उलूम अहले सुन्नत फैजुनबी दुनिया का पहला ऐसा मदरसा होगा, जहां के प्रिंसिपल छोटे-छोटे बच्चों से भीख मंगवाते है। हर बृहस्पतिवार को कभी दो तो कभी तीन बच्चों को साइकिल दे कर गांव में मुस्लिम परिवार से किसी से दस रुपया तो किसी घर से चावल तो किसी घर से आटा भीख के रुप में यह कहते हुए मांगते हैं, कि मदरसा में खाने के लिए राशन नहीं हैं, जब कि सरकार लगभग 150 बच्चों के लिए एमडीएम का भोजन देती है। बच्चों को इस हिदायत के साथ भीख मांगने के लिए भीषण गर्मी में भीख मांगने के लिए भेजा जाता कि जाएं कोई भी पूछे मदरसे और प्रिंसपल का नाम मत बताना, नहीं तो मदरसे से निकाल दिए जाओगे, चंूकि अधिकांश बच्चे बाहर के होते हैं, इस लिए वह डर जाते है। बच्चे कभी साइकिल से तो कभी सिर पर टोकरी में भीख मांगकर अनाज लाते है। भीख मांगकर साइकिल से बोरे में ला रहे अनाज को जब गांव का वारिष अली नामक लड़का पकड़ा और दोनों बच्चों से पूछा कि किस मदरसे के हो और किसने भीख मांगने के लिए इस भीषण गर्मी में भेजा, अगर तुम लोगों को धूप लग जाती तो कौन इलाज करवाता। डर के मारे में बच्चों ने मदरसा का प्रिसिंपल का नाम बता दिया। भीख मांगने वाला यह वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रहा है, और चारों ओर मदरसा और उसके प्रिसिपल के खिलाफ डीएम, एसपी, अल्प संख्यक अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी से कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। इस मदरसे के प्रिंसिपल का नाम अब्दुल मन्नान और मैनेजर का हाजी मुनीर अली है। सवाल उठ रहा है, कि आखिर बच्चों को बाहर भेजा किसने और बच्चे किसके कहने पर भीख मांगने जाते हैं, और जो भीख में पैसा और अनाज मिलता है, उसका उपभोग कौन करता है? वैसे भी बच्चों से भीख मंगवाना अपराध की श्रेणी में आता है, इसी लिए गांव वालों की ओर से मदरसे के प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा रही है। चूंकि जब किसी मदरसा या स्कूल के मेैनेजर और प्रिसिंपल मनमानी करने लगे, और यह कहने लगें कि हम जो चाहेगें वही होगा, भले ही चाहें जितना कोई षिकायत कर ले, लेकिन हमारा कुछ नहीं होगा। यह वही प्रिंसिपल और मैनेजर कहते हैं, तो भ्रष्टाचार का कुछ हिस्सा अधिकारियों को देते हैं, वरना बच्चों से भीख मगवाने वाले प्रिसिपल की इतनी हिम्मत न होती कि वह बच्चों से इस भीषण गर्मी में भीख मंगवाने के भेजे। जो मैनेजर और प्रिंिसपल इस स्तर पर आ जाए तो उनके लिए कोई भी गलत काम करना कठिन नहीं होता। कुछ मैनेजर और प्रिंसिपल इज्जत के साथ रोटी खाते हैं, और कुछ बच्चों से भीख मंगवाकर खाते है।
यह वीडियो दारुल उलूम अहले सुन्नत फैजुनबी कप्तानगंज बस्ती का है। अगर किसी मदरसे का बच्चा भीख मांगने जाता है, तो यह न सिर्फ मदरसे ही नहीं बल्कि पूरे देश की बदनामी है। इसी जिए कहा जा रहा है, कि इस मामले में विधिक कार्रवाई होना जरुरी है। ताकि फिर कभी किसी मदरसे या स्कूल के प्रिंसिपल या मैनेजर की हिम्मत बच्चों से भीख मंगाने की न पड़े। बच्चों से भीख मंगवाने वाला वीडिया पूरे समाज को झकझोरकर रख दे रहा है। अभी तक इस मामले में मदरसा प्रशासन की ओर से वीडियो को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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