बस्ती। इसी लिए मीडिया बार-बार कह रही है, कि अधिकारी बदलने से कुछ नहीं होगा, बदलना है, तो भ्रष्ट व्यवस्था को बदलिए। मीडिया यह भी कहती आ रही है, कि नगर पंचायतों से भ्रष्टाचार को समाप्त करना किसी सीआरओ के बस की बात नहीं हैं, अगर कीर्तिप्रकाश भारती जैसे पांच सीआरओ आ जाए तो भी नगर पंचायतों के व्याप्त भ्रष्टाचार को नहीं समाप्त कर सके। जिस भी संस्थाओं की बागडोर जनप्रतिनिधियों के हाथों में हैं, वहां पर तो भ्रष्टाचार पनपना आवष्यक है। चाहें जिला पंचायत हो, चाहें नगर पंचायत हो या फिर चाहें क्षेत्र और ग्राम पंचायत हो, क्या यहां से भ्रष्टाचार समाप्त हुआ? जनप्रतिनिध्यिों के होने का मतलअ ही भ्रष्टाचार होना, जैसा कि नगर पंचायत बभनान में देखने को मिला। कहने को यह नगर पंचायत भाजपा की है, लेकिन यहां के हालात सपा के नगर पंचायत से भी बददर है। तभी तो निर्माण होते ही ढ़ह जाती है। बस्ती नगर पंचायत बभनान में पंजाब नेशनल बैंक के सामने हरैया-बभनान मार्ग पर निर्मित आरसीसी नाले का हिस्सा निर्माण के कुछ ही समय धंस जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई जिसके कारण नाला समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाले की स्लैब कई स्थानों पर नीचे बैठ गई है और किनारों पर दरारें भी दिखाई दे रही हैं सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में निर्माणाधीन नाले की स्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है, जिससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी धन से कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है लोगों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा भी हो सकता है। वहीं नगर पंचायत प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।